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बैंकिंग परीक्षा में 'मुन्नाभाई' सिंडिकेट का भंडाफोड़! 4 राज्यों में CBI की रेड, CGST इंस्पेक्टर समेत 4 गिरफ्तार

Published: Thu, 08 Oct 2026 09:50 PM (GMT+05:30)

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बैंकिंग भर्ती फर्जीवाड़ा मामले में बिहार के जहानाबाद सहित चार राज्यों में छापेमारी की है। ...और पढ़ें

बैंकिंग भर्ती फर्जीवाड़ा: सीबीआई की जहानाबाद सहित चार राज्यों में बड़ी कार्रवाई

बैंकिंग भर्ती फर्जीवाड़ा: सीबीआई की जहानाबाद सहित चार राज्यों में बड़ी कार्रवाई

HighLights

  1. सीबीआई ने चार राज्यों में बैंकिंग फर्जीवाड़ा पर छापा मारा।

  2. जहानाबाद में 10 घंटे की पूछताछ, 300 पन्नों की रिपोर्ट बनी।

  3. एक सीजीएसटी इंस्पेक्टर सहित चार लोग गिरफ्तार किए गए।

राज्य ब्यूरो, पटना। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बैंकिंग क्षेत्र में भर्ती के लिए होने वाली परीक्षाओं के फर्जीवाड़ा मामले में गुरुवार को बिहार के जहानाबाद समेत चार राज्यों में कार्रवाई की है।

बैंकिंग फर्जीवाड़ा मामले में बिहार समेत दिल्ली, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक सीजीएसटी इंस्पेक्टर भी शामिल है।

जांच एजेंसी ने इसे सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा फर्जीवाड़ा बताया है। मामले में इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन (आईबीपीएस) की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद सीबीआई की मुंबई स्थित विशेष कार्य शाखा ने कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई की।

जहानाबाद के हुलासगंज थाना क्षेत्र के कंदौल गांव पहुंची सीबीआई की टीम ने सुधीर पांडेय के घर पहुंचकर करीब दस घंटे तक सघन जांच व पूछताछ की। सीबीआई के साथ मुंबई और यूपी पुलिस की टीम भी थी।

सुधीर पांडेय के बेटे रामजी पांडेय का नाम पूर्व में प्रतियोगी परीक्षाओं के फर्जीवाड़े में आया था। उस पर बैंकिंग परीक्षा में सेटर की भूमिका के आरोप लगे थे, जिसमें वह पूर्व में जेल भी गया था। हालांकि छापामारी के दौरान रामजी पांडेय मौजूद नहीं था।

परीक्षा और इंटरव्यू में शामिल होते थे सेटर:

सीबीआई के अनुसार, गिरोह के सदस्य बैंकिंग भर्ती की चयन प्रक्रिया में असली अभ्यर्थियों की जगह खुद परीक्षा और साक्षात्कार में शामिल होते थे।

चयन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों की जगह स्कालर भेजकर परीक्षा में फर्जीवाड़ा किया जाता था। कई चरणों में अभ्यर्थियों की पहचान का फर्जी इस्तेमाल करते थे।

सीबीआई ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। इससे आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

दस घंटे तक पूछताछ, 300 पन्नों की रिपोर्ट की तैयार

सीबीआई की टीम सुबह करीब छह बजे कंदौल गांव पहुंची और शाम करीब पांच बजे तक जांच-पड़ताल का सिलसिला चलता रहा। टीम के सदस्यों ने घर के अंदर विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर करीब 300 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की।

ग्रामीणों के अनुसार, सुधीर पांडेय के भाई अरविंद पांडेय के परिवार से भी मामले में पूछताछ की गई। हुलासगंज पुलिस ने छापामारी के संबंध में किसी प्रकार की जानकारी होने से अनभिज्ञता जताई।

सीबीआई की छापामारी की सूचना मिलते ही गांव में भीड़ जुट गई। घर को चारों ओर से घेरकर जांच की जा रही थी। घर के आसपास आने-जाने वाले रास्तों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई थी।

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