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Bihar Kal Ka Mausam: बिहार में मानसून सुस्त, पर खतरा बरकरार;10 सितंबर तक कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

Published: Tue, 08 Sep 2026 05:57 PM (IST)

बिहार में मानसून की गतिविधि धीमी पड़ गई है, लेकिन 10 सितंबर तक कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी ...और पढ़ें

बिहार का मौसम (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

बिहार का मौसम (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. बिहार में मानसून की गतिविधि धीमी पड़ी।

  2. 10 सितंबर तक कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी।

  3. वज्रपात और जलजमाव से सतर्क रहने की सलाह।

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में जारी बाढ़ के खतरे के बीच मौसम विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार में मानसून की गतिविधि धीमी और कमजोर दर्ज की गई है। राज्य के उत्तर-पश्चिमी हिस्से के कई इलाकों, उत्तर-मध्य एवं दक्षिण-मध्य भाग के कुछ स्थानों तथा शेष क्षेत्रों में एकाध जगहों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हुई। 

मुशहरी में सर्वाधिक 62.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। राज्य में औरंगाबाद सबसे गर्म स्थान रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 34.9°C दर्ज हुआ, जबकि राजगीर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 24.6°C रहा।

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्सों में बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ चुका है, लेकिन इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार पर बना हुआ है। साथ ही मानसून ट्रफ रेखा भी बिहार से होकर गुजर रही है। इसके प्रभाव से 11 सितंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है।

अगले 7 दिनों का मौसम पूर्वानुमान

आगामी 5 दिनों के दौरान राज्य भर के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, मौसम विभाग ने 8 सितंबर को भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया और सिवान में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा, 9 सितंबर को पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान और पश्चिमी चंपारण तथा 10 सितंबर को गया, सारण व सिवान जिलों में भारी वर्षा का अनुमान है।

इस दौरान राज्य के उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-मध्य भागों में मेघ गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की प्रबल संभावना है।

सुरक्षा व सावधानी की सलाह

मौसम विभाग ने नागरिकों को वज्रपात और बारिश के दौरान सतर्क रहने का आग्रह किया है। खुले स्थानों में होने पर तुरंत पक्के मकान में शरण लें, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों या तारों से दूर रहें। भारी बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।