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    गयाजी-बोधगया और नालंदा-राजगीर का होगा कायाकल्प, 2130 करोड़ का डेवलपमेंट प्लान तैयार

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 06:57 PM (IST)

    बिहार के गयाजी-बोधगया और नालंदा-राजगीर के पर्यटन स्थलों के लिए 2130 करोड़ रुपये की मेगा विकास योजना तैयार की गई है। यह कार्ययोजना केंद्रीय पर्यटन मंत् ...और पढ़ें

    गयाजी-बोधगया पर खर्च होंगे 1080 करोड़

    गयाजी-बोधगया पर खर्च होंगे 1080 करोड़

    HighLights

    1. 2130 करोड़ की योजना गयाजी-बोधगया, नालंदा-राजगीर के लिए।

    2. केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को भेजी गई विकास रिपोर्ट।

    3. बोधगया में हेरिटेज हाट, अंतरराष्ट्रीय फूड कोर्ट बनेंगे।

    राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। गयाजी-बोधगया और नालंदा-राजगीर के समेकित विकास के लिए 2130 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है।

    पर्यटन विभाग ने दोनों परियोजनाओं की डेस्टिनेशन स्ट्रेटजी, डेवलपमेंट प्लान और फाइनल एनालिसिस रिपोर्ट तैयार कर जुलाई में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को भेज दी है। अब केंद्र की मंजूरी के बाद इन योजनाओं पर काम शुरू होने की उम्मीद है।

    गयाजी-बोधगया पर खर्च होंगे 1080 करोड़

    गयाजी-बोधगया के समग्र विकास के लिए करीब 1080 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। योजना में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया गया है।

    बोधगया में हेरिटेज हाट और अंतरराष्ट्रीय फूड कोर्ट बनाए जाने का प्रस्ताव भी इसी योजना में शामिल है। हेरिटेज हाट से स्थानीय कला, संस्कृति और हस्तशिल्प को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

    राजगीर-नालंदा के विकास पर 1050 करोड़

    राजगीर और नालंदा को भी एक बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए करीब 1050 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

    दोनों क्षेत्रों के ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए समेकित विकास की योजना बनाई गई है। इससे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

    केंद्र को भेजी गई पूरी डेवलपमेंट रिपोर्ट

    पर्यटन विभाग ने दोनों प्रमुख परियोजनाओं की डेस्टिनेशन स्ट्रेटजी एवं डेवलपमेंट प्लान तैयार कर लिया है। इसके साथ फाइनल एनालिसिस रिपोर्ट भी तैयार की गई है।

    विभाग ने जुलाई में इन सभी दस्तावेजों को केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को उपलब्ध करा दिया। अब परियोजनाओं की स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

    केंद्रीय पर्यटन मंत्री से मिले केदार प्रसाद गुप्ता

    परियोजनाओं को जल्द मंजूरी दिलाने के लिए पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की।

    बैठक में गयाजी-बोधगया और नालंदा-राजगीर की कार्ययोजनाओं पर चर्चा हुई। मंत्री ने दोनों परियोजनाओं को जल्द स्वीकृति देने और काम शुरू कराने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री ने योजनाओं की जानकारी लेने के बाद हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

    सिमरिया घाट के लिए भी 12.16 करोड़ की योजना

    बैठक में बेगूसराय के सिमरिया घाट के विकास का मुद्दा भी उठाया गया। इसके लिए 12.16 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार कर केंद्र सरकार को जुलाई में भेजी गई है।

    पर्यटन मंत्री ने इस परियोजना को भी जल्द स्वीकृति देने का अनुरोध किया। सिमरिया घाट के विकास से धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

    हेरिटेज हाट और फूड कोर्ट से बदलेगा बोधगया का अनुभव

    गयाजी-बोधगया योजना में बोधगया के पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाने पर खास जोर है। हेरिटेज हाट के जरिए पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति और उत्पादों से जोड़ने की योजना है।

    वहीं अंतरराष्ट्रीय फूड कोर्ट से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को अलग-अलग प्रकार के भोजन की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इन योजनाओं को स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।

    15 अगस्त तक डीपीआर अपलोड करने की तैयारी

    विभागीय जानकारी के अनुसार एक योजना का प्रस्ताव स्वदेश दर्शन 2.0 के केंद्रीय पोर्टल पर पहले ही अपलोड किया जा चुका है।

    शेष एक योजना के लिए डीपीआर तैयार कर उसे 15 अगस्त तक विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने की तैयारी है।

    इन योजनाओं के पूरा होने के बाद बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं का विस्तार होने के साथ पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।