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    स्वच्छता दूत बनकर बिहार का नाम रोशन कर रहीं जीविका दीदियां, प्रदेश बना पूर्वी भारत का सबसे स्वच्छ राज्य

    Updated: Fri, 29 May 2026 12:43 PM (IST)

    भारत सरकार की "स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2025" रिपोर्ट में बिहार को पूर्वी भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया गया है। ...और पढ़ें

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    राज्य ब्यूरो, पटना। भारत सरकार की ओर से जारी “स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2025” की रिपोर्ट में बिहार को पूर्वी भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया गया है। यह उपलब्धि ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत संचालित लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत जनजागरूकता अभियान, अपशिष्ट प्रबंधन के लिए संचालित विविध योजनाओं के संचालन में जीविका दीदियों तथा ग्रामीण समुदाय की सक्रिय सहभागिता का परिणाम मानी जा रही है।

    सर्वेक्षण में यह पाया गया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण एवं उसके नियमित उपयोग को सुनिश्चित करने, घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था विकसित करने तथा कचरे के समुचित निपटान की दिशा में जीविका दीदियों ने प्रभावी कार्य किए हैं।

    जीविका दीदियों एवं समुदाय की सक्रिय भागीदारी ने स्वच्छता अभियान को व्यापक जन समर्थन प्रदान किया है। विदित हो कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग एवं जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से जारी रिपोर्ट में बिहार को पूर्वी भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया गया है।

    पूर्वी क्षेत्र के राज्यों में बिहार प्रथम, ओडिशा द्वितीय, झारखंड तृतीय तथा पश्चिम बंगाल चौथे स्थान पर रहा। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर से कचरा उठाव, इसके निष्पादन एवं साफ-सफाई के लिए राज्य भर में वार्ड स्तर पर रखे गए एक लाख 30 हजार अधिक स्वच्छता कर्मियों, ग्राम पंचायत स्तर पर योगदान दे रहे आठ हजार से अधिक स्वच्छता पर्यवेक्षकों का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा है।

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    स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2025 के अंतर्गत देशभर के 33 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 744 जिलों तथा 20,659 गांवों का विस्तृत सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान 3.22 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तथा 1.03 लाख से अधिक सार्वजनिक संस्थानों एवं सामुदायिक परिसरों का आकलन किया गया।

    ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत संचालित लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत प्रथम चरण शुभारंभ वर्ष 2014 से अब तक 1 करोड़ 50 लाख 54 हजार व्यक्तिगत शौचालायों एवं भूमिहीन परिवारों के लिए 9,431 सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण हुआ है।

    लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान - द्वितीय चरण (2020- 21 से 2026-27) अंतर्गत राज्य के सभी वार्डों से घर-घर से ठोस अपशिष्ट का संग्रह किया जा रहा है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र के सभी वार्डों में प्रति वार्ड एक पैडल रिक्शा एवं ग्राम पंचायत स्तर पर एक ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है।

    ठोस अपशिष्ट के समुचित निष्पादन के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर 7221 अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई (डब्लूपीआई) का निर्माण किया गया है। प्लास्टिक अपशिष्टों के उचित निष्पादन के लिए प्रखंड / अनुमंडल स्तर पर 171 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई स्थापित किए गए हैं।

    तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 2,13,452 सामुदायिक सोक पिट, 83 344 जंक्शन चैंबर एवं 24,664 नाली निकासी बिंदु इत्यादि का निर्माण किया गया है। राज्य के सभी जिलों में 38 गोबरधन बायोगैस इकाई का निर्माण किया गया है।