बिहार में अब Ola, Uber और Rapido की तरह बुक होगी एंबुलेंस, मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
बिहार में जल्द ही ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप-आधारित एंबुलेंस बुकिंग सेवा शुरू होगी, जिससे मरीजों को आपात स्थिति ...और पढ़ें

कैब और बाइक टैक्सी की सुरक्षा पर भी जोर
HighLights
ओला, उबर और रैपिडो जैसे प्लेटफार्म पर एंबुलेंस बुकिंग शुरू करने की तैयारी
परिवहन विभाग ने कंपनियों से एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
ओला और उबर को कारण बताओ नोटिस, 30 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट देने का निर्देश
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में आने वाले समय में ओला, उबर और रैपिडो जैसे ऐप के माध्यम से कैब की तरह एंबुलेंस भी बुक की जा सकेगी। परिवहन विभाग ने एग्रीगेटर कंपनियों को अपनी सेवाओं में एंबुलेंस बुकिंग की सुविधा शामिल करने की दिशा में कदम उठाने का निर्देश दिया है।
परिवहन सचिव राज कुमार ने संबंधित कंपनियों से एक सप्ताह के भीतर इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। इस पहल का उद्देश्य आपातकालीन परिवहन सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान बनाना है।
एंबुलेंस बुकिंग पर कंपनियों से मांगा जवाब
परिवहन विभाग ने एग्रीगेटर कंपनियों के साथ बैठक कर उनकी सेवाओं की समीक्षा की। इसमें एंबुलेंस बुकिंग के साथ कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई।
कंपनियों को निर्देश दिया गया कि वे आपातकालीन परिवहन सेवा के विस्तार की संभावनाओं पर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
हिंदी में भी मिलेगी चैटबाट की सुविधा
यात्रियों और ड्राइवरों की समस्याओं के समाधान के लिए कंपनियों को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में चैटबाट की सुविधा देने का निर्देश दिया गया है।
ड्राइवरों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कॉल सपोर्ट की व्यवस्था करने को भी कहा गया है। इसके अलावा कंपनियों को बिहार में स्थानीय कार्यालय स्थापित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि समस्याओं का समाधान आसानी से हो सके।
ओला-उबर को नोटिस, लाइसेंस रद करने की चेतावनी
बैठक में परिवहन सचिव ने कंपनियों को पहले दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की। इस दौरान ओला और उबर को कारण बताओ नोटिस जारी कर 30 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट देने को कहा गया।
विभाग ने स्पष्ट किया कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाली एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ लाइसेंस रद करने की कार्रवाई की जा सकती है।
राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशों के अनुपालन की निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर सत्यापन व कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं में होंगे ये सुधार
परिवहन विभाग ने कंपनियों को यात्रियों और ड्राइवरों की सुविधा से जुड़े कई बिंदुओं पर सुधार करने का निर्देश दिया है। इनमें स्थानीय कार्यालय, शिकायत निवारण व्यवस्था, बुकिंग शुल्क की पारदर्शिता और वाहन संबंधी नियमों का पालन शामिल है।
प्रमुख निर्देश
- बिहार में कैब कंपनियों के स्थानीय कार्यालय स्थापित किए जाएं।
- ड्राइवरों की समस्याओं के समाधान के लिए कॉल सपोर्ट उपलब्ध कराया जाए।
- चैटबाट हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में काम करे।
- ब्राडकास्टिंग सिस्टम में संदेश दिखने का समय दो सेकेंड से बढ़ाकर 10 सेकेंड किया जाए।
- नाइट चार्ज और राइड कैंसिलेशन चार्ज से जुड़े नियम स्पष्ट किए जाएं।
- चालक की आइडी निलंबित करने सहित अन्य प्रक्रियाओं के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाए।
- प्लेटफार्म से केवल निर्धारित नियमों के अनुरूप व्यावसायिक वाहन ही जोड़े जाएं।
- एयरपोर्ट पर गाड़ियों की पार्किंग के लिए जगह चिह्नित करने को एयरपोर्ट अथारिटी के साथ समन्वय किया जाए।
नियमों के पालन पर विभाग की नजर
राज्य में ऐप आधारित परिवहन सेवाओं का संचालन निर्धारित नियमों के अनुसार होना चाहिए। यात्रियों को बेहतर सुविधा देने और ड्राइवरों की समस्याओं का समाधान करने के लिए कंपनियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का अनुपालन नहीं करने वाली कंपनियों के खिलाफ लाइसेंस रद करने की कार्रवाई की जा सकती है।
राज कुमार, परिवहन सचिव
