पटना-नालंदा में सुरक्षित होगी दुधिया मालदा की विरासत, 1.30 करोड़ से बनेगा सेंटर; बचे हैं महज 100 मूल पेड़
पटना के दीघा में पारंपरिक दुधिया मालदा आम के संरक्षण और संवर्धन के लिए 1.30 करोड़ रुपये की लागत से एक उन्नत केंद्र स्थापित किया जाएगा।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
1.30 करोड़ रुपये की लागत से उन्नत केंद्र स्थापित होगा।
दुधिया मालदा आम की मूल प्रजाति का वैज्ञानिक संरक्षण होगा।
किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रमाणिक पौध सामग्री मिलेगी।
राज्य ब्यूरो, पटना। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत दीघा, पटना के पारंपरिक दुधिया मालदा आम के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए उन्नत केंद्र की स्थापना होगी।
सरकार ने इसके 1.30 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। योजना का उद्देश्य दुधिया मालदा आम की मूल प्रजाति एवं आनुवंशिक विविधता का वैज्ञानिक संरक्षण करने के साथ किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रमाणिक पौध सामग्री उपलब्ध कराना है।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि दीघा, पटना का पारंपरिक दुधिया मालदा आम शहरीकरण, कीट-रोग, जलभराव सहित विभिन्न कारणों से लगातार प्रभावित हुआ है।
इसके मूल वृक्षों की संख्या घटकर लगभग 100 तक सीमित रह गई है। इस विशिष्ट प्रजाति के विलुप्त होने की स्थिति को देखते हुए इसके मूल वृक्षों की पहचान, वैज्ञानिक सर्वेक्षण, जर्मप्लाज्म संरक्षण, फील्ड जीन बैंक की स्थापना तथा गुणवत्तापूर्ण पौध उत्पादन की दिशा में कार्य किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य केवल बचे हुए पेड़ों का संरक्षण करना नहीं है, बल्कि दुधिया मालदा की पूरी आनुवंशिक एवं जैविक विरासत को वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित करना है।
इसके लिए मूल वृक्षों की पहचान एवं जीपीएस आधारित सर्वेक्षण किया जाएगा। इसकी विविधता का वैज्ञानिक डेटाबेस तैयार किया जाएगा।
चयनित मूल वृक्षों से वैज्ञानिक तरीके से पौध प्रवर्धन किया जाएगा। साथ ही आगे चलकर क्लोनल गुणन के माध्यम से बड़े पैमाने पर पौध तैयार की जाएगी।
पटना व नालंदा उद्यान महाविद्यालय में विकसित होगी संरचना
सरकार की ओर से यह दायित्व बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर को दिया गया है। परियोजना का संचालन मुख्य रूप से कृषि अनुसंधान संस्थान (एआरआई), पटना तथा नालंदा उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, नालंदा के माध्यम से किया जाएगा।
