स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर बिहार सरकार का यू-टर्न, अब पहले की तरह चार लाख तक मिलेगा शिक्षा ऋण
बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पर अपना 19 अगस्त का आदेश रद्द कर दिया है। अब छात्रों को ...और पढ़ें

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड
HighLights
सरकार ने 19 अगस्त का आदेश रद्द किया।
छात्रों को चार लाख तक शिक्षा ऋण मिलेगा।
उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों को बड़ी राहत।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। छात्र-छात्राओं को अब पहले की तरह चार लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मिलता रहेगा। उच्च शिक्षा विभाग ने 19 अगस्त को जारी अपने उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसमें योजना के तहत शिक्षा ऋण की व्यवस्था में बदलाव किया गया था।
नए निर्णय के बाद बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से चार लाख रुपये तक ऋण देने की प्रक्रिया पूर्ववत जारी रहेगी। इससे उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है।
पुराना आदेश रद, चार लाख तक ऋण की व्यवस्था बहाल
उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं को लेकर राज्य सरकार ने पुनर्विचार किया।
सम्यक विचार के बाद 19 अगस्त को जारी आदेश को रद करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही उस आदेश के क्रियान्वयन से संबंधित प्रक्रिया को भी निरस्त कर दिया गया है। अब योजना में पहले वाली व्यवस्था ही लागू रहेगी।
बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम से मिलेगा शिक्षा ऋण
नई अधिसूचना के मुताबिक स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत छात्र-छात्राओं को बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से अधिकतम चार लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण दिया जाएगा।
इसके लिए पूर्व में निर्धारित प्रक्रिया ही जारी रहेगी। यानी विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण के लिए नई व्यवस्था के तहत आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। सरकार के फैसले से उन विद्यार्थियों को खास राहत मिलेगी, जो उच्च शिक्षा के लिए इस योजना पर निर्भर हैं।
उच्च शिक्षा का सपना देखने वाले विद्यार्थियों को राहत
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत मिलने वाला शिक्षा ऋण बिहार के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करने का महत्वपूर्ण जरिया है।
चार लाख रुपये तक ऋण की व्यवस्था जारी रहने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
खासकर प्रोफेशनल और उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले छात्र इससे लाभान्वित होंगे। सरकार के ताजा फैसले से विद्यार्थियों में बनी असमंजस की स्थिति भी खत्म होने की उम्मीद है।
19 अगस्त के आदेश पर पुनर्विचार के बाद लिया गया फैसला
विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि सरकार ने योजना के तहत उपलब्ध सुविधाओं पर पुनर्विचार किया। इसके बाद पूर्व में जारी आदेश को निरस्त करने का निर्णय लिया गया।
19 अगस्त 2026 के आदेश और उससे जुड़ी कार्यान्वयन प्रक्रिया को भी समाप्त कर दिया गया है। अब चार लाख रुपये तक शिक्षा ऋण देने की प्रक्रिया पहले की तरह चलती रहेगी। इससे योजना के लाभार्थी विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है।
