Nitish के बड़े फैसले के बीच RJD का दांव: कौन हैं राज्यसभा प्रत्याशी एडी सिंह? 41 वोट का गणित बना बड़ी चुनौती
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए चुनाव दिलचस्प हो गया है। राजद ने मौजूदा सांसद अमरेंद्र धारी सिंह (एडी सिंह) को फिर से उम्मीदवार बनाया है, जबकि ...और पढ़ें

राज्यसभा के लिए नामांकन करते एडी सिंंह। फाइल

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राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Rajya Sabha Chunav: बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होने वाला चुनाव इस बार सियासी तौर पर बेहद दिलचस्प हो गया है। उम्मीदवारों के चयन ने ऐसे समीकरण खड़े कर दिए हैं, जिनकी पहले किसी को उम्मीद नहीं थी।
एनडीए की ओर से पांच में से दो सीटों पर जदयू, दो पर भाजपा और एक सीट पर रालोमो का उम्मीदवार मैदान में होगा। जदयू की सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम मुख्यमंत्री Nitish Kumar का है।
2005 से बिहार की सत्ता संभाल रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अचानक राज्यसभा जाने के फैसले ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। उनके इस निर्णय को लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों में चर्चा तेज है।
राजद ने एडी सिंह पर लगाया दांव
विपक्ष की ओर से राष्ट्रीय जनता दल ने मौजूदा राज्यसभा सदस्य Amarendra Dhari Singh (एडी सिंह) को फिर से उम्मीदवार बनाया है।
वे 5 मार्च को नामांकन के अंतिम दिन अपना पर्चा दाखिल करेंगे। मौके पर तेजस्वी यादव समेत अन्य नेता रहेंगे। अगर वे जीतते हैं तो यह उनका दूसरा कार्यकाल होगा।
कौन हैं एडी सिंह?
पटना जिले के दुल्हिन बाजार के मूल निवासी एडी सिंह का पैतृक गांव पालीगंज प्रखंड का अइखन गांव है। यहां उनकी करीब एक हजार बीघा जमीन बताई जाती है। पटना के पाटलिपुत्र इलाके में उनका आवास है।
उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा St. Michael's High School, Patna से प्राप्त की है। अविवाहित एडी सिंह राजनीति में भले कुछ साल पहले सक्रिय हुए हों, लेकिन सत्ता और उद्योग जगत में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
वे फर्टिलाइजर और केमिकल कारोबार के बड़े कारोबारी हैं। बताया जाता है कि करीब 13 देशों में केमिकल और फर्टिलाइजर आयात का उनका व्यवसाय फैला हुआ है। इसके अलावा रियल एस्टेट सेक्टर में भी उनका बड़ा निवेश है।
आसान नहीं होगा राज्यसभा पहुंचना
हालांकि इस बार एडी सिंह के लिए राज्यसभा का रास्ता आसान नहीं दिख रहा है। एनडीए की मजबूत संख्या के कारण रालोमो प्रमुख Upendra Kushwaha समेत अन्य उम्मीदवारों के साथ मुकाबला कड़ा रहने की संभावना है।
राजद संसदीय बोर्ड की एक मार्च को हुई बैठक में पार्टी अध्यक्ष Lalu Prasad Yadav और कार्यकारी अध्यक्ष Tejashwi Yadav को उम्मीदवार तय करने का अधिकार दिया गया था। पहले चर्चा थी कि तेजस्वी यादव खुद राज्यसभा जा सकते हैं, लेकिन अंततः पार्टी ने एडी सिंह पर भरोसा जताया।
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राज्यसभा सीटों का गणित
बिहार से राज्यसभा की कुल पांच सीटें रिक्त हो रही हैं। इनमें दो सीटें जदयू, दो राजद और एक रालोमो के खाते की हैं।
रिक्त सीटें
जदयू : हरिवंश नारायण सिंह, रामनाथ ठाकुर
राजद : प्रेमचंद्र गुप्ता, एडी सिंह
रालोमो : उपेंद्र कुशवाहा
एक सीट के लिए जरूरी वोट : 41
विधानसभा में वर्तमान संख्या
एनडीए : 202 (भाजपा 89, जदयू 85, लोजपा-रामविलास 19, हम 5, रालोमो 4)
महागठबंधन : 35 (राजद 25, कांग्रेस 6, भाकपा-माले 2, माकपा 1, इंडियन इंक्लूसिव पार्टी 1)
अन्य : 6 (एआइएमआइएम 5, बसपा 1)
इन आंकड़ों के आधार पर साफ है कि राज्यसभा की एक सीट के लिए जरूरी 41 वोट जुटाना महागठबंधन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जिससे इस चुनाव का राजनीतिक रोमांच और बढ़ गया है।