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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'JDU नेता उलूल-जुलूल कह रहे', BJP ने PM की जाति के मुद्दे पर इस तरह सुनाई खरी-खोटी

By Raman ShuklaEdited By: Mukul Kumar
Updated: Mon, 16 Oct 2023 01:06 PM (IST)

नरेंद्र मोदी की जाति वाले मुद्दे पर भाजपा ने जदयू को घेरा है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनोज शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जाति को लेकर जदयू पर ...और पढ़ें

नरेंद्र मोदी की जाति को लेकर भाजपा का जदयू पर हमला
नरेंद्र मोदी की जाति को लेकर भाजपा का जदयू पर हमला

HighLights

  1. मनोज शर्मा ने जदयू पर भ्रम फैलने का लगाया आरोप
  2. मनोज शर्मा बोले- हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं जदयू नेता

राज्य ब्यूरो, पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जाति के बारे में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनोज शर्मा ने जदयू पर भ्रम फैलने का आरोप लगाया है। रविवार को उन्होंने कहा कि जदयू नेताओं को कम जानकारी है। अज्ञानता में वे उलूल-जुलुल बयानबाजी करके हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि समाज विशेष को अपमानित कर रहे हैं। कुछ लोग कह रहे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अन्य पिछड़ा वर्ग से नहीं आते। उनकी जातिगत पहचान फर्जी है, वे सच्चाई जानते ही नहीं।

जदयू के शीर्ष नेतृत्व को पता होना चाहिए कि काका कालेकर आयोग ने 1953-55 में गुजरात की घांची जाति को पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल किया था।

वह पिछड़ा वर्ग से संबंधित पहला केंद्रीय आयोग था। 1979-80 में मंडल आयोग ने गुजरात के पिछड़ा वर्ग की सूची में तेली, मोध घांची जाति को शामिल किया था। 1993 में पिछड़ी जातियों की केंद्रीय सूची में जिस घांची को सम्मिलित किया गया है, वह मुसलमानों का उप-वर्ग है।

भीम बता रहे कि तेली समाज का अंश-वंश है मोध घांची 

पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष व मीडिया विभाग के प्रभारी डा. भीम सिंह बता रहे कि मोध घांची वस्तुत: तेली समाज का अंश-वंश है। उनके अनुसार, काका कालेकर आयोग के समय नरेंद्र मोदी की उम्र पांच वर्ष रही होगी और मंडल आयोग के समय 30 वर्ष।

1999 में जब मोध घांची, तेली जाति को केंद्रीय सूची में शामिल किया गया था, तब नरेंद्र मोदी किसी भी संवैधानिक पद पर आसीन नहीं थे।

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