यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शिक्षक और सिपाही भर्ती पेपर लीक के 3 आरोपित गिरफ्तार, पटना से लेकर वैशाली तक हुई छापेमारी
शिक्षक और सिपाही भर्ती पेपर लीक के तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। ईओयू की टीम ने पटना नालंदा और वैशाली में छापेमारी की। इसके बाद आरोपित काबू मे ...और पढ़ें

HighLights
- शिक्षक और सिपाही भर्ती पेपर लीक के तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है
- पटना, नालंदा और वैशाली में छापेमारी कर हुई गिरफ्तारी, ओडिशा पेपर लीक का आरोपित भी शामिल
- सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर फिर सक्रिय हुए अपराधी, वॉट्सएप और टेलीग्राम अकाउंट किए जा रहे चिह्नित
राज्य ब्यूरो, पटना। बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा और सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने पटना, नालंदा और वैशाली में छापेमारी कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें नालंदा के सोहसराय का अमन कुमार, बिदुपुर वैशाली का सुचिन्द्र कुमार और बेगमपुर नालंदा का करण कुमार शामिल है। करण फिलहाल पटना के मालसलामी इलाके में रह रहा था।
ईओयू के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लन ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में बताया कि बुधवार से शुरू होने वाली सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले पेपर लीक के फरार आरोपितों की तलाश में तीन दिनों का विशेष अभियान चलाया गया था। इसी सिलसिले में तीनों महत्वपूर्ण आरोपितों की गिरफ्तारी हुई है।
सुचिन्द्र शिक्षक भर्ती परीक्षा के अलावा ओडिशा लोक सेवा आयोग की परीक्षा में गड़बड़ी का भी आरोपित है। वह विशाल चौररिया गैंग का सक्रिय सदस्य है। इसके अलावा अमन और करण दोनों बीपीएससी की शिक्षक भर्ती परीक्षा के साल्वर गैंग गिरोह के सदस्य हैं।
शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों को झारखंड के हजारीबाग ले जाकर प्रश्न-पत्र रटवाने में इनकी भूमिका सामने आई है। पैसे के लेन-देन के प्रमाण भी मिले हैं। अभी तक बीपीएससी परीक्षा मामले में 350 जबकि सिपाही भर्ती परीक्षा मामले में करीब 250 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर ईओयू अलर्ट, होगी डिजिटल पेट्रोलिंग
बिहार पुलिस में 21 हजार से अधिक सिपाही के पदों के लिए बुधवार को होने वाली परीक्षा को लेकर ईओयू अलर्ट है। ईओयू के डीआइजी मानवजीत सिंह ढिल्लन ने बताया कि परीक्षा में धांधली रोकने के लिए विशेष दल गठित की गई है। यह विशेष दल परीक्षा के दौरान लगातार डिजिटल पेट्रोलिंग करेगी। इंटरनेट मीडिया की निगरानी की जाएगी और यह देखा जाएगा कि परीक्षा को बाधित करने का प्रयास तो नहीं हो रहा। राज्य के 38 जिलों में सात, 11, 18, 21, 25 और 28 अगस्त को सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा आयोजित की जानी है।
डीआईजी ने बताया कि ऐसी सूचना मिल रही है कि पेपर लीक गिरोह के सदस्य परीक्षा को लेकर फिर से सक्रिय हो गए हैं। वह लगातार अभ्यर्थियों से संपर्क कर परीक्षा से पहले प्रश्न-पत्र और उत्तर उपलब्ध कराने का दावा कर मोटी राशि ठगने के प्रयास में है। ऐसे गिरोहों को लगातार चिह्नित किया जा रहा है।
डीआईजी की अपील
कई वॉट्सएप और टेलीग्राम अकाउंट भी चिह्नित किए जा रहे हैं। अभ्यर्थियों और आमलोगों से अपील है कि इस तरह की भ्रामक कॉल आने पर तुरंत साइबर थाने या नजदीकी थाने में संपर्क कर जानकारी दें।
इसके अलावा परीक्षा से जुड़े अफवाह फैलाने वाले संदेशों को दूसरे लोगों या ग्रुप में फारवर्ड न करें। अगर किसी इंटरनेट मीडिया पर प्रश्न-पत्र वायरल होने की बात प्रकाश में आती है, तो तुरंत पोस्ट करने वाले की जानकारी संबंधित थाने में दें ताकि सत्यता की जांच की जा सके।
ईओयू ने परीक्षा से जुड़ी जानकारी देने के लिए मोबाइल नंबर 8544428404 भी जारी किया है। इसके अलावा, साइबर सेल की ई-मेल आइडी ([email protected]) और ([email protected]) भी जारी की है।
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