Monsoon Alert 2026: एल नीनो से बिगड़ेगा मौसम, बिहार में बारिश के लिए तरसेंगे किसान
Bihar Monsoon Alert: भारतीय मौसम विभाग ने बिहार में इस साल कमजोर मानसून की चेतावनी दी है, जिससे एल नीनो ...और पढ़ें

बिहार में इस साल कमजोर मानसून की चेतावनी (AI फोटो)
HighLights
मौसम विभाग ने कमजोर मानसून की चेतावनी दी।
एल नीनो के कारण कम बारिश की आशंका।
किसानों और पेयजल संकट पर गंभीर असर।
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार में इन दिनों आंधी और बारिश से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन मौसम विभाग की नई चेतावनी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने संकेत दिए हैं कि इस साल मानसून कमजोर रह सकता है। अगर ऐसा हुआ तो राज्य में बारिश की भारी कमी देखने को मिल सकती है।
एल नीनो बढ़ाएगा मुश्किलें
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रशांत महासागर में बन रही एल नीनो की स्थिति भारत के मानसून को कमजोर कर सकती है।
एल नीनो के असर से बारिश का सिस्टम प्रभावित होता है और कई राज्यों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार सुपर एल नीनो जैसी स्थिति बनने की आशंका है। अगर ऐसा हुआ तो बिहार समेत कई राज्यों में सूखे जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।
किसानों के सामने बड़ा संकट
कम बारिश का सबसे ज्यादा असर खेती पर पड़ने वाला है। बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य में धान की फसल मानसून पर ही निर्भर रहती है।
ऐसे में बारिश कम हुई तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
धान के अलावा मक्का, दलहन और सब्जियों की खेती भी प्रभावित हो सकती है। खेतों में पानी की कमी से उत्पादन घटने का खतरा बढ़ गया है।
गर्मी तोड़ेगी रिकॉर्ड
आईएमडी ने जून से सितंबर के बीच सामान्य से ज्यादा तापमान रहने की संभावना जताई है। बिहार में भीषण गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस बार लू के दिनों में भी इजाफा हो सकता है। खासकर ग्रामीण इलाकों में बिजली और पानी की समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
जल संकट की भी बढ़ी चिंता
कम बारिश होने का असर सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रहेगा। पेयजल संकट, बिजली उत्पादन और जलाशयों के स्तर पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मानसून कमजोर रहा तो आने वाले महीनों में कई जिलों में पानी की किल्लत बढ़ सकती है।
फिलहाल राहत, लेकिन आगे खतरा
हाल के दिनों में बिहार के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है, लेकिन मौसम वैज्ञानिक इसे प्री-मानसून गतिविधि बता रहे हैं।
उनका कहना है कि इसे सामान्य मानसून का संकेत नहीं माना जा सकता।
असली परीक्षा जून के बाद शुरू होने वाले मानसून सीजन में होगी। अब किसानों और आम लोगों की नजरें अच्छी बारिश पर टिकी हैं।
