'विधानसभा में भी मिल जाएगी शराब', RJD MLC सुनील सिंह का हमला; बोले- बिहार को बना दिया पंजाब
आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह ने बिहार विधानसभा के बजट सत्र में शराबबंदी पर सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि राज्य में शराबबंदी प्रभावी नहीं है और विधा ...और पढ़ें


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डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान शराबबंदी को लेकर सियासत गरमा गई है। सुनील सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए बड़ा दावा किया।
उन्होंने कहा कि बिहार में वास्तविक रूप से शराबबंदी लागू नहीं है। यहां तक कि विधानसभा में भी शराब की डिलीवरी हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोगों के घरों में नियमित शराब पार्टी होती है। हालांकि नाम लेने से उन्होंने इनकार किया।
‘बिहार को उड़ता पंजाब बना दिया’
सुनील सिंह ने कहा कि राज्य में खुलेआम शराब उपलब्ध है। उनके अनुसार सूखा नशा और अवैध शराब का कारोबार तेजी से बढ़ा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बिहार को ‘उड़ता पंजाब’ बना दिया गया है।
शराबबंदी कानून की प्रभावशीलता पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार जमीन पर कानून लागू कराने में विफल रही है। इस बयान के बाद सदन के बाहर और भीतर दोनों जगह राजनीतिक तापमान बढ़ गया।
सदन में भी उठा जमीन कब्जा और विकास का मुद्दा
इधर जहानाबाद से राहुल कुमार ने इस्लामपुर में गैर मजरूआ जमीन पर कब्जे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मंत्री के अपने लोग ही उनके काम में बाधा डाल रहे हैं। इस पर उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने जवाब देते हुए कहा कि 'अंगद का पैर कोई नहीं खींच सकता।'
उन्होंने दावा किया कि जो मिशन शुरू किया है, उसे हर हाल में पूरा करेंगे। सदन में इस दौरान कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी रहे।
मदरसा नियुक्ति और कचरा निष्पादन पर भी हंगामा
विधानसभा के पोर्टिको में AIMIM विधायकों ने मदरसा शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। वहीं कचरा निष्पादन के सवाल पर बीजेपी विधायक प्रमोद कुमार और विजय सिन्हा के बीच नोकझोंक हुई। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने बताया कि दो महीने में 50 लाख किसानों की फार्मर आईडी बनाई गई है।
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AIMIM विधायक मुर्शीद आलम ने कहा कि उनकी पार्टी फिलहाल किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि शर्तों के साथ समर्थन पर विचार किया जा सकता है। सत्र के दौरान अलग-अलग मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी तेज रही।
शराबबंदी पर पहले भी भड़का था विवाद
बुधवार को एक मंत्री के बयान ने विवाद को और हवा दी थी। उन्होंने कहा था कि सदन के सभी सदस्य शराब पीते हैं। इस पर संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ऐसा सामान्यीकरण पूरी तरह गलत है।
ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी के बयान पर विपक्ष वॉकआउट कर गया था। शराबबंदी से लेकर कानून-व्यवस्था तक, बजट सत्र में सियासी संग्राम लगातार जारी है।
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