यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Illegal Sand Transportation: बालू के अवैध परिवहन पर कसेगा शिकंजा, अब एप्रोच रोड पर...
राज्य की नदियों से अवैध बालू खनन और इसका परिवहन सरकार के लिए बड़ी समस्या है। तमाम उपाय करने के बाद भी भी नदियों से अवैध बालू खनन और परिवहन पर रोक नहीं ...और पढ़ें

HighLights
- खान एवं भू-तत्व विभाग के मुख्य सचिव रवि परमान की अध्यक्षता में हुई थी बैठक
- सरकार ने माना कि बालू माफिया सरकार को बड़ा नुकसान दे रहे हैं
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य की नदियों से अवैध बालू खनन और इसका परिवहन सरकार के लिए बड़ी समस्या है। तमाम उपाय करने के बाद भी भी नदियों से अवैध बालू खनन और परिवहन पर रोक नहीं लग रही है।
अब सरकार ने निर्णय लिया है कि नदियों के पास के संपर्क पथ से मुख्य सड़क के बीच चेक प्वाइंट बनाए जाएंगे और इन पर सीसी टीवी लगाए जाएंगे ताकि अवैध बालू खानन, परिवहन पर शिकंजा कसा जा सके।
सरकार को लग रहा राजस्व का चूना
हाल ही में खान एवं भू-तत्व विभाग के मुख्य सचिव रवि परमान की अध्यक्षता में बालू के अवैध खनन पर रोक और अन्य बिंदुओं की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई गई थी।
बैठक में जिलों के खनिज विकास पदाधिकारियों के साथ ही विभाग के दूसरे कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि बालू के अवैध खनन की वजह से सरकार को बड़े राजस्व का नुकसान हो रहा है।
विभाग ने वर्ष 2023-24 के लिए 3662.39 करोड़ राजस्व संग्रह का लक्ष्य बनाया था। जिसके विरूद्ध इस वर्ष फरवरी महीने के मध्य तक करीब 2036 करोड़ रुपये की ही वसूली हुई है।
सरकार ने माना कि बालू माफिया सरकार को बड़ा नुकसान दे रहे हैं। समीक्षा में यह तथ्य सामने आने के बाद विभाग के अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि नदी घाट से जो संपर्क पथ निकल कर मुख्य मार्ग में जुड़ते हैं वहां चेक प्वाइंट बनाकर सीसी टीवी लगाए जाएं।
सातों दिन 24 घंटे काम करेंगे कैमरे
बैठक में सभी खनिज विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि संबंधित जिलों के ऐसे संपर्क पथ को चिह्नित करें और चेक प्वाइंट बनाकर यहां सीसीटीवी लगाए।
यह कैमरे सातों दिन 24 घंटे काम करेंगे और अवैध बालू परिवहन पर कार्रवाई करेंगे और अपनी रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपेंगे। सूत्रों ने बताया विभाग ने इस कार्य को प्राथमिकता के आधा पर करने के निर्देश दिए हैं। आगामी वित्तीय वर्ष के पूर्व इस व्यवस्था को प्रभावी करना होगा।
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