'AI टीचर का विकल्प नहीं, सहयोग का माध्यम', शिक्षा विभाग के चिंतन शिविर में बोले मंत्री मिथिलेश तिवारी
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कभी शिक्षकों का विकल्प नहीं बनेगी, बल्कि उन्हें सहयोग देगी ताकि बच्चे अपनी भाषा में ...और पढ़ें
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मंत्री मिथिलेश तिवारी। (सोशल मीडिया)
HighLights
एआई शिक्षकों का विकल्प नहीं, बल्कि सहयोगी होगा।
शिक्षा में ज्ञान, तकनीक, नैतिकता का समन्वय आवश्यक है।
बिहार डिजिटल शिक्षा और मॉडल स्कूलों पर दे रहा जोर।
राज्य ब्यूरो, पटना। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने रविवार को कहा कि एआई कभी भी शिक्षक का विकल्प नहीं बनेगी। इसका उपयोग शिक्षकों को सहयोग देने, बच्चों की सीखने की जरूरतों को समझने और बेहतर निर्णय लेने में सहायता के लिए किया जाएगा।
तकनीक तभी समावेशी होगी जब वह बच्चों तक उनकी अपनी भाषा में पहुंचेगी। राजधानी स्थित अधिवेशन भवन में शिक्षा विभाग के दो दिवसीय चिंतन शिविर के आरंभ के मौके पर उन्होंने यह बात कही।
यह कहा कि शिक्षा में ज्ञान, तकनीक, नैतिकता और मानवीय मूल्यों के समन्वय पर जोर देना होगा। माडल स्कूल की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इससे से लोगों की अपेक्षाएं बढ़ीं हैं। इनकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान जरूरी है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि एआई कुछ ही क्षणों में उत्तर उपलब्ध करा सकता है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि बच्चे सिर्फ उत्तर जानने वाले नहीं बनें, सही सवाल पूछना भी सीखें।
वे तकनीक का उपयोग करें लेकिन उसके दास न बनें। राज्य सरकार बच्चों के साथ शिक्षकों को भी तकनीक से जोड़कर उनकी क्षमता बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
शिक्षा में ज्ञान के साथ तकनीक, तकनीक के साथ नैतिकता, बुद्धिमत्ता के साथ मानवता और उपलब्धि के साथ जिम्मेदारी का समन्वय जरूरी है।
डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा बिहार
बिहार डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीएम ई-विद्या के तहत कक्षा 1 से 12 तक की पाठ्यपुस्तक आधारित शैक्षणिक सामग्री और वीडियो तैयार किए गए हैं।
स्थानीय भाषाओं में भी शैक्षणिक सामग्री विकसित की जा रही है। उन्होंने विद्यालयों में वर्कबुक, यूनिट टेस्ट और टीचर डायरी के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे शिक्षण व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
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शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में 551 सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में मॉडल स्कूलों की शुरुआत की गई है। आगे 142 और मॉडल स्कूल मिलने वाले हैं।
इन विद्यालयों को लेकर लोगों की अपेक्षाएं काफी अधिक हैं इसलिए इनकी गुणवत्ता और शैक्षणिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान देना होगा।
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों से भ्रष्टाचार से पूरी तरह दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग को सरस्वती की साधना का केंद्र और नालंदा-विक्रमशिला की गौरवशाली परंपरा से प्रेरणा लेकर बिहार को फिर से देश-दुनिया के ज्ञान का प्रमुख केंद्र बनाना है। ‘चिंतन से परिवर्तन और संकल्प से सिद्धि’ के मंत्र के साथ शिक्षा विभाग को आगे बढ़ना होगा।