बिहार आर्थिक सर्वेक्षण: नगर निकायों की आय दोगुनी, बजट का 68 प्रतिशत हुआ खर्च
बिहार आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के नगर निकायों की आय एक वर्ष में दोगुनी हुई है, पर यह खर्च के मुकाबले कम है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में ...और पढ़ें
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सीएम नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
कुमार रजत, पटना। राज्य के नगर निकायों की आय एक वर्ष में दोगुनी तो हुई है, मगर अब भी खर्च के मुकाबले यह बहुत कम है। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य के 35 नगर निकायों की स्वार्जित आय 356 करोड़ से अधिक रही। इसमें होल्डिंग कर में 136 प्रतिशत और करेतर आय में 174 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
नगर निकायों के अन्य करों में भी एक वर्ष में दस गुनी वृद्धि दर्ज की गई है। संपत्ति कर में भी 17.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसकी राशि पहली बार 400 करोड़ को पार कर गई है। इन सबके बावजूद नगर निकाय अपने स्थापना व्यय के लिए आवश्यक राजस्व का 53.3 प्रतिशत राशि ही जुटा पाए हैं।
आर्थिक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, शहरी विकास के लिए बजट राशि खर्च करने में भी नगर विकास एवं आवास विभाग पिछड़ता दिख रहा है। वर्ष 2023-24 में विभाग ने नौ हजार करोड़ से अधिक राशि खर्च की थी जो कुल बजट का 77.4 प्रतिशत था। वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभाग बजट आवंटन का 68.5 प्रतिशत ही रुपया खर्च कर पाया। विभाग का बजट 5274.9 करोड़ का था जिसके विरुद्ध 3613.8 करोड़ की राशि खर्च की गई।
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए टायर-1 के 43 शहरों के मास्टरप्लान तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है, जिनमें 37 जिला मुख्यालयों के साथ राजगीर, बोधगया, डेहरी, फारबिसगंज, बगहा और सोनपुर शामिल हैं। पटना का मास्टरप्लान-2031 अधिसूचित कर दिया गया है। वहीं अमृत-2.0 के तहत टायर-2 शहरों के 50 योजना क्षेत्रों के सीमांकन का काम जारी है।
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शहरी विकास के लिए 830 करोड़ आवंटित, 1.53 लाख आवास स्वीकृत
मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के तहत वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार ने 1261 करोड़ की 1612 योजनाओं को स्वीकृति दी थी। वहीं इस वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य सरकार ने 1587 योजनाओं की स्वीकृति दी है, जिसपर 830 करोड़ की राशि खर्च होगी। इस योजना के तहत नालियों के साथ सड़कों, पार्कों, घाटों, जलाशयों और अन्य आधारभूत संरचना का निर्माण और जीर्णोद्धार किया जाता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत सितंबर 2025 तक छह लाख 89 हजार 236 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें एक लाख 53 हजार 790 आवास की स्वीकृति दे दी गई है। इन स्वीकृत परियोजनाओं पर 3844 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी।
राज्य के 20 जिलों में वर्षा जल निकासी योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के तहत 2925 करोड़ की राशि का आवंटन किया गया है, जिसमें से वर्ष 2024-25 में 1716.75 करोड़ की राशि विमुक्त कर दी गई है। इसी प्रकार नाला निर्माण के लिए 2017 से 2024 के बीच कुल 613.63 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।