एक तरफ विरोध, दूसरी ओर समर्थन...; बिहार कांग्रेस में राजेश राम-अल्लावारु को लेकर दिल्ली में घमासान
बिहार कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और प्रभारी कृष्णा अल्लावारु के नेतृत्व को लेकर दिल्ली तक घमासान छिड़ गया ...और पढ़ें

राजेश राम और अल्लावारू को हटाने की मांग को धरना पर बैठे नाराज कांग्रेस कार्यकर्ता। जागरण
HighLights
बिहार कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ दिल्ली में निष्कासित नेताओं का प्रदर्शन।
राजेश राम और कृष्णा अल्लावारु को हटाने की मांग तेज हुई।
दलित मिशन ने दोनों नेताओं के समर्थन में एकजुटता का आह्वान किया।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और प्रभारी कृष्णा अल्लावारु के नेतृत्व को लेकर घमासान अब दिल्ली तक पहुंच गया है। नाराज और समर्थक खेमा आमने-सामने आ गया है।
एक ओर पार्टी से निष्कासित करीब तीन दर्जन नेता व कार्यकर्ता मंगलवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस के राष्ट्रीय मुख्यालय इंदिरा भवन के बाहर धरने पर बैठकर दोनों नेताओं को हटाने की मांग कर रहे हैं।
राजेश राम और अल्लावारू का समर्थन
वहीं दूसरी ओर राजेश राम और अल्लावारु के समर्थन में दलित मिशन खुलकर सामने आ गया है। दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे नेताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की मांग की।
साथ ही निलंबित और निष्कासित नेताओं के मामलों की समीक्षा करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिहार कांग्रेस में लंबे समय से संगठनात्मक समस्याएं बनी हुई हैं।
हाथों में ‘डरो मत’ लिखी तख्तियां लेकर नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। इधर, दलित मिशन की ओर से जारी पोस्टर के जरिए विरोधियों पर सीधे सवाल दागे गए हैं।
एकजुटता का किया आह्वान
पोस्टर में पूछा गया है कि राहुल गांधी के साथ कथित दुर्व्यवहार, मल्लिकार्जुन खरगे के अपमान और सदाकत आश्रम पर हमले के समय विरोध करने वाले कहां थे? सरकार के खिलाफ हुए आंदोलनों में उनकी भूमिका क्या रही?
पोस्टर में राजेश राम और कृष्णा अल्लावारु को कमजोर करने की कोशिश पर भी सवाल उठाया गया है। संगठन में दलित, पिछड़े, वंचित और युवा कार्यकर्ताओं की भागीदारी को सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए एकजुटता की अपील की गई है।
