भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ेगी चौकसी, बिहार पुलिस ने विशेष शाखा में तैनात किए 138 तेज-तर्रार दारोगा
बिहार पुलिस भारत-नेपाल सीमा और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत कर रही है, जिसके लिए आसूचना तंत्र को सुदृढ़ किया जा रहा है। ...और पढ़ें
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एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा और निगरानी बढ़ेगी।
विशेष शाखा में 138 दारोगाओं की तैनाती की गई।
हर जिले में आसूचना तंत्र (IB) टीम होगी।
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य से लगने वाली भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ आंतरिक सुरक्षा को लेकर सतर्कता और निगरानी बढ़ाई जाएगी।
सीमावर्ती इलाकों के साथ राज्य के सभी जिलों में हर छोटी-बड़ी सूचना और घटनाओं पर पुलिस की नजर रहेगी। इसके लिए आसूचना तंत्र (इंटेलिजेंस) और मजबूत किया जा रहा है।
पुलिस मुख्यालय के स्तर से इसकी शुरुआत कर दी गई है। इसके लिए बिहार पुलिस के 1300 से अधिक पदाधिकारियों के बीच से 138 काबिल दारोगा की पदस्थापना विशेष शाखा में की गई है।
दरअसल, राज्य में करीब 729 किलोमीटर लंबी नेपाल सीमा है, जो पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज समेत सात जिलों से होकर गुजरती है।
यह खुली सीमा है, जिससे घुसपैठ के साथ अवैध व्यापार, मानव तस्करी, नशीले पदार्थों, नकली मुद्रा, विदेशी सामानों की तस्करी आदि की शिकायतें लगातार मिलती रहती हैं।
इसके अलावा बंगाल, झारखंड एवं उत्तरप्रदेश राज्य की सीमा क्षेत्र भी संवेदनशील हैं, जहां सतर्कता जरूरी है। इन सभी चुनौतियों को देखते हुए विशेष शाखा को मजबूत करने का काम चल रहा है। इसी को देखते हुए हाल ही में राज्य सरकार ने विशेष रूप से आईजी बॉर्डर के पद का भी सृजन किया है।
गूगल फॉर्म के जरिए मांगे गए थे आवेदन
विशेष शाखा के लिए तेज-तर्रार और तकनीकी अनुसंधान में दक्ष पुलिस पदाधिकारियों की जरूरत थी। ऐसे में पुलिस मुख्यालय ने गूगल फॉर्म के जरिए जनवरी माह में ही पुलिस पदाधिकारियों से विशेष शाखा में मनोनयन के लिए आवेदन मांगे थे।
इस दौरान 1369 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से 138 पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) का चयन अंतिम रूप से किया गया है। पुलिस मुख्यालय ने संबंधित जिलों में पदस्थापित इन दारोगा को अविलंब विरमित करते हुए पुलिस मुख्यालय में विशेष शाखा में योगदान करने का निर्देश दिया है।
सभी एसपी को विरमित करने से पहले यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध कोई आपराधिक मामला लंबित न हो।
हर जिले में आईबी की टीम होगी तैनाती
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आसूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए हर जिले में आईबी के पदाधिकारियों की तैनाती की जाएगी। आइबी की टीम स्थानीय पुलिस टीम से समन्वय कर सूचनाओं का आदान-प्रदान करेगी।
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इसके साथ ही नियमित रूप से मुख्यालय को भी इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। विशेष शाखा के स्तर से मुख्य रूप से आसूचना संकलन तंत्र को मजबूत करने, संवेदनशील सूचनाओं की रियल टाइम मॉनीटरिंग एवं विश्लेषण करने और सीमा प्रबंधन आदि पर फोकस करने का निर्देश दिया गया है।