यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Bijli News: बिहार में बिजली कंपनी घर-घर घुमाएगी फोन, पूछेगी ये 2 सवाल; फिर लेगी एक्शन
Bihar Electricity Bill बिहार में अब बिजली कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को उनकी बिजली की खपत के बारे में जानकारी दी जाएगी। अगर आपके घर में एसी या पंखा ज्याद ...और पढ़ें

HighLights
- बिहार में बिजली कंपनी उपभोक्ता पर नकेल कसने की तैयारी में
- बिजली कंपनी हर उपभोक्ता के घर पर कॉल करेगी
राज्य ब्यूरो, जागरण। Bihar News: बिहार में अब बिजली कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए उपभोक्ताओं के नंबर पर यह फोन आएगा कि आपके घर एसी ज्यादा चल रहा, पंखा बंद नहीं हो रहा या जाड़े के दिनों में आम तौर घरों में चलने वाले ब्लोअर, हीटर व गीजर आदि अधिक चल रहा।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर के उपभोक्ताओं ने जो नंबर दिया है उस पर मैसेज या फिर फोन आएगा। इस व्यवस्था के लिए केंद्र सरकार के उपक्रम रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कारपोरेशन ने बिहार के साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड का चयन किया है।
एक लाख उपभोक्ताओं के नंबर रैंडम सिस्टम के तहत लिए जाएंगे
साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार ने बताया कि इस कवायद के तहत एक लाख उपभोक्ताओं के नंबर रैंडम सिस्टम के तहत लिए जाएंगे। यह नंबर रुरल इलेक्ट्रिफिकेशन कारपोरेशन द्वारा तय एजेंसी बिजली टेक्नोलाजीज प्राइवेट लिमिटेड को दिया जाएगा।
एक साल तक लगातार होगा अध्ययन
जिन एक लाख उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा संबंधित एजेंसी को दिया जाएगा वह तय लोड के आधार पर लगातार एक साल तक यह अध्ययन करेगा कि उपभोक्ताओं द्वारा बिजली उपभोग की पूर्व की प्रकृति क्या है और वर्तमान में उसके उपभोग का डाटा क्या कह रहा।
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उसकी खपत की यूनिट लगातार बढ़ रही या घट रही इसकी जानकारी मिलेगी। अगर उपभोग का डाटा बहुत अधिक है तो लोड बढ़ने का मामला सामने आ जाएगा और लोड अचानक कम हो गया है तो इसे भी स्थानीय स्तर पर समझा जाएगा। मोटे तौर पर यह ऊर्जा प्रबंधन का मामला है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से काम करेगा।
अध्ययन के आधार पर वितरण लास को कम करने में मदद मिलेगी
बिजली कंपनी के आला अधिकारी ने कहा कि उपभोक्ताओं द्वारा बिजली की खपत के इस अध्ययन से यह जानकारी भी मिलेगी कि किसी क्षेत्र विशेष में उपभोक्ताओं की बिलिंग क्या है और उससे कितनी अधिक बिजली की खपत वहां हो रही। इस वितरण लास को चेक कर उसे कम करने में मदद मिलेगी।