बिहार का करोड़पति BDO: 12 साल की नौकरी में 1.71 करोड़ की 'काली कमाई', आय से 121% अधिक संपत्ति
आर्थिक अपराध इकाई ने दरभंगा के बीडीओ आनंद कुमार विभूति के पांच ठिकानों पर छापा मारकर करीब 1.71 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का खुलासा किया है।

दरभंगा बीडीओ आनंद विभूति के ठिकानों पर EOU का छापा, 1.71 करोड़ की बेनामी संपत्ति उजागर
HighLights
बीडीओ आनंद विभूति के पांच ठिकानों पर EOU ने की छापेमारी।
करीब 1.71 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का खुलासा।
16 भूखंड, चार वाहन, 16 बैंक खाते और बंगला जब्त।
राज्य ब्यूरो, पटना। आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने दरभंगा जिले के बहादुरपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) आनंद कुमार विभूति के पांच ठिकानों पर मंगलवार को छापामारी की।
पटना के दानापुर, मुजफ्फरपुर के अहियापुर, पूर्वी चंपारण के चिरैया के साकिन-लालबेगिया के साथ बहादुरपुर के आवास एवं कार्यालय में ईओयू ने तलाशी ली। प्रथमदृष्टया बीडीओ के पास करीब एक करोड़ 71 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति मिली है। यह उनके ज्ञात आय से 121 प्रतिशत से अधिक है।
ईओयू को बीडीओ के मुजफ्फरपुर के अहियापुर स्थित सरस्वती नगर के निजी आवास से जमीन खरीद के 16 दस्तावेज मिले हैं। इनमें नौ भूखंड स्वयं के नाम पर जबकि अन्य सात भूखंड स्वजनों के नाम पर हैं। तलाशी के दौरान इनोवा क्रिस्टा, स्कॉर्पियो के साथ दो और चारपहिया गाड़ी मिली है।
आभूषण खरीद के के बिल भी मिले हैं। बीडीओ और स्वजनों के नाम पर विभिन्न बैंकों में 16 बैंक खाते पाए गए हैं, जिन्हें फ्रीज करने की कार्रवाई की जा रही है। म्युचुअल फंड के अलग-अलग फोलिया में करीब 70 लाख की राशि जमा पाई गई है। एक बैंक लाकर भी पाया गया है, जिसकी तलाशी ली जाएगी।
साकिन-लालबेगिया में 70 लाख का आलीशान बंगला:
ईओयू को पूर्वी चंपारण के चिरैया थाना अंतर्गत साकिन-लालबेगिया में बीडीओ के पैतृक भूखंड पर आलीशान बंगला मिला है, जिसके निर्माण पर करीब 70 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
ईओयू की टीम भवन निर्माण का विस्तृत मूल्यांकन भी कराएगी। इसके अलावा बीडीओ के आवास से भारतीय जीवन बीमा निगम एवं अन्य बीमा कंपनियों में निवेश के कागजात मिले हैं, जिसके वार्षिक प्रीमियम के लिए करीब डेढ़ लाख का भुगतान किया जा रहा है।
ग्रामीण विकास विभाग को पत्र लिखकर दी गई जानकारी:
ईओयू ने बीडीओ के पैतृक ग्रामीण विकास विभाग को पत्र लिखकर उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई से अवगत कराया है। आनंद कुमार विभूति ने 12 साल की सरकारी सेवा में ही एक करोड़ 71 लाख की काली कमाई कर ली। वह 2014 में बिहार लोक सेवा आयोग की 53वीं-55वीं बैच के पदाधिकारी हैं।
पूर्वी चंपारण से पहले वह पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और दरभंगा जिलों में कार्यरत रहे हैं। ईओयू छापामारी में जब्त दस्तावेजों की जांच कर रही है, जिसमें प्राथमिकी में अंकित आय से अधिक संपत्ति में और वृद्धि होने की संभावना है।
