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    भोजपुर की बहुजन महापंचायत में शाम‍िल नहीं होंगे कुशवाहा! मांझी के एलान के बीच RLM नेता ने दी नसीहत

    Updated: Mon, 29 Jun 2026 02:29 PM (IST)

    भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर बिहार की राजनीति गरमाई हुई है, जहां 5 जुलाई को जगदीशपुर में बहुजन महापंचायत होगी। जीतन राम मांझी इसमें शामिल होंगे, जबकि ...और पढ़ें

    उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी। फाइल

    उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी। फाइल

    HighLights

    1. 5 जुलाई को जगदीशपुर में बहुजन महापंचायत का आयोजन।

    2. जीतन राम मांझी ने महापंचायत में शामिल होने की घोषणा की।

    3. उपेंद्र कुशवाहा ने न्यायिक जांच रिपोर्ट का इंतजार करने को कहा।

    डिजिटल डेस्क, पटना। भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार की राजनीति लगातार गर्म होती जा रही है।

    एक ओर मामले की जांच न्यायिक आयोग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक मंच सक्रिय हो गए हैं।

    24 जून को भरत तिवारी के समर्थन में आयोजित महापंचायत के बाद अब 5 जुलाई को जगदीशपुर में बहुजन महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की गई है।

    5 जुलाई को जगदीशपुर में होगी बहुजन महापंचायत 

    जगदीशपुर के लाल बिहारी सिंह टोला हाईस्कूल मैदान में प्रस्तावित इस महापंचायत को भरत तिवारी समर्थक महापंचायत के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।

    आयोजकों का कहना है कि इसका उद्देश्य बहुजन समाज को एकजुट करना और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व को मजबूत करना है।

    इस आयोजन की राजनीतिक अहमियत तब और बढ़ गई, जब केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इसमें शामिल होने की घोषणा कर दी।

    मांझी ने की महापंचायत में शाम‍िल होने की घोषणा 

    उन्होंने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में लिखा, 'देश की जनता करें पुकार, बहुजन एकता अबकी बार' के नारे के साथ वह 5 जुलाई को आरा पहुंचेंगे और जगदीशपुर में आयोजित बहुजन महासभा में हिस्सा लेंगे।

    भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर जीतन राम मांझी पहले भी खुलकर सरकार के पक्ष में खड़े रहे हैं। उन्होंने कहा था कि दलित के एनकाउंटर पर लोग उसे नक्सली और मुसलमान के एनकाउंटर पर आतंकवादी बताने में देर नहीं करते।

    लेकिन भरत तिवारी के मामले में वही लोग पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि भरत तिवारी के पास अवैध पिस्टल कहां से आई और किन लोगों के संरक्षण में इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।

    मांझी ने कहा कि देश संविधान से चलेगा, न कि अवैध हथियारों के दम पर। उनके अनुसार भरत तिवारी कोई क्रांतिकारी नहीं था, बल्कि उसके खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज थे।

    न्‍यायिक आयोग के रिपोर्ट का इंतजार करें 

    उधर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने इस मामले में संयम बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने घटना की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया है। 

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    आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही तथ्यों के आधार पर कोई निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने से पहले किसी भी तरह की टिप्पणी उचित नहीं है।

    महापंचायतों के आयोजन पर प्रतिक्रिया देते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है।

    लेकिन यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े तथ्य या शिकायत हैं तो उन्हें न्यायिक आयोग के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि निष्पक्ष जांच के आधार पर सच्चाई सामने आ सके।

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