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भरत तिवारी के परिवार ने ठुकराई सरकारी मदद? बोले- पहले आरोपियों पर हो कार्रवाई, फिर नौकरी-मुआवजे पर फैसला

Updated: Fri, 14 Aug 2026 08:59 PM (IST)

भोजपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत तिवारी के परिवार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा घोषित आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।

भरत तिवारी (फाइल फोटो) व सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री

भरत तिवारी (फाइल फोटो) व सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री

HighLights

  1. परिवार ने सरकारी आर्थिक सहायता और नौकरी का प्रस्ताव ठुकराया।

  2. भरत तिवारी की मां ने न्याय और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई मांगी।

  3. परिजनों ने भरत तिवारी को शहीद दर्जा और स्मारक बनाने की मांग की।

डिजिटल डेस्क, पटना। भोजपुर के बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ में भरत तिवारी की मौत के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से आर्थिक सहायता और एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई है।

हालांकि, परिवार ने फिलहाल इन घोषणाओं को प्राथमिकता नहीं देते हुए मामले में न्याय और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मां बोलीं- पहले जिम्मेदार लोगों पर हो कार्रवाई

भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा कि परिवार की पहली मांग उन सभी लोगों की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई है, जिन्हें परिवार घटना के लिए जिम्मेदार मानता है।

उन्होंने कहा कि न्याय मिलने के बाद ही परिवार आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी के प्रस्ताव पर विचार करेगा।

भाभी ने भी सरकार की घोषणा पर जताया असंतोष

भरत तिवारी की भाभी सुमन तिवारी ने भी कहा कि परिवार अभी सरकार की घोषणा से संतुष्ट नहीं है।

उनका कहना है कि मामले में अब तक केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी है और परिवार सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई चाहता है।

शहीद का दर्जा और स्मारक बनाने की भी मांग

परिजनों ने भरत तिवारी को शहीद का दर्जा देने और घटनास्थल पर स्मारक बनाने की मांग की है।

परिवार का कहना है कि केवल आर्थिक सहायता से उनकी मांग पूरी नहीं होगी। वे मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं।

विस्थापित परिवारों के लिए भी व्यवस्था की मांग

परिजनों ने घटना से प्रभावित और विस्थापित लोगों के लिए भी उचित व्यवस्था किए जाने की मांग की है।

उनका कहना है कि सरकार को प्रभावित परिवारों की स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता और नौकरी का किया था ऐलान

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी।

सरकार के अनुसार यह निर्णय न्यायिक जांच आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है।

सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में हो रही जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का गठन किया था।

आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने पीड़ित परिवार के लिए सहायता और नौकरी की घोषणा की है।

17 जून को पुलिस मुठभेड़ में हुई थी भरत की मौत

भरत तिवारी की 17 जून 2026 को पुलिस एनकाउंटर में गोली लगने से मौत हुई थी। घटना के बाद से परिवार लगातार मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।

अब सरकार की राहत घोषणा के बाद परिवार ने स्पष्ट किया है कि उसके लिए फिलहाल न्याय और जांच का परिणाम सबसे अहम है।