बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम आज: 3 दलों के बीच मुख्य मुकाबला, 31 राउंड की काउंटिंग के बाद मिलेगा नया विधायक
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजे आज घोषित होंगे, जिसमें भाजपा, राजद और जन सुराज के बीच मुकाबला है। मतगणना पटना के एएन कॉलेज में सुबह 8 बजे से शुरू ह ...और पढ़ें
-1785687836589_m.webp)
बांकीपुर उपचुनाव। फाइल फोटो
HighLights
बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे आज होंगे घोषित।
मतगणना पटना के एएन कॉलेज में शुरू।
कम मतदान का असर जानने को उत्सुक।
जागरण संवाददाता, पटना। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के फैसले की घड़ी आ गई है। सोमवार सुबह एएन कॉलेज के कला भवन स्थित मतगणना केंद्र में सुबह आठ बजे डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होगी। सुबह नौ बजे ईवीएम खुलेंगी और साढ़े दस से 11 बजे तक रूझान आने शुरू हो जाएंगे।
दोपहर 12 बजे तक स्थिरता आने के साथ जीत-हार की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। 14 टेबल पर 31 राउंड में मतगणना की जाएगी। इसके अलावा इसके अलावा सेना, अर्धसैनिक बलों या भारत से बाहर तैनात सरकारी अधिकारियों यानी सेवा मतदाओं के लिए अलग से दो ईटीपीएस (इलेक्ट्रानिक ट्रांसमिटेड डाक मतपत्र प्रणाली) टेबल होंगी।
इस हाई-प्रोफाइल उपचुनाव में 25 प्रत्याशी मैदान में हैं। कुल 3,79,616 मतदाताओं में से 1,30,234 यानी 34.31 प्रतिशत ने ही मतदान किया। 1995 से भाजपा का गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के मैदान में उतरने से इस उपचुनाव में पूरे देश की नजरें लगी हैं। सब यह जानना चाहते हैं कि भाजपा अपनी परंपरागत सीट बचा पाती है या राजद व जन सुराज ने चुनावी समीकरण बदल दिए।
पास से प्रवेश, मतगणना केंद्र में नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल
मतगणना केंद्र में केवल पासधारी ही प्रवेश कर सकेंगे। हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग पास जारी किया गया है। प्रत्याशी या उनके प्रतिनिधि गेट नंबर एक तो मतगणना कर्मी गेट नंबर 2 से मतगणना केंद्र मे प्रवेश करेंगे।
खबरें और भी
जिला निर्वाचन पदाधिकारी कुंदन कुमार ने रविवार को एएन कॉलेज के परीक्षा भवन में आयोजित संयुक्त बैठक में ये निर्देश दिए। उन्होंने सभी मतगणना कर्मियों समय पर पहुंचने व निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ड्यूटी निर्वहन करने का निदेश दिया।
एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने सभी मजिस्ट्रेट व पुलिस पदाधिकारियों को प्रवेश पास व सघन सुरक्षा जांच के बाद ही मतगणना केंद्र में प्रवेश दिए जाने का निर्देश दिया। मौके पर एसपी ममता कल्याणी, डीडीसी शुभम कुमार व एडीएम लोक शिकायत शंभूनाथ झा मौजूद थे।
मतगणना में लगे सौ से अधिक कर्मचारी
मतगणना के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व पारदर्शी व्यवस्था की है। पूरे परिसर को त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है। केंद्रीय सशस्त्र बल, बिहार पुलिस के जवान व मजिस्ट्रेट पूरे परिसर की निगरानी करेंगे। स्ट्रांग रूम से लेकर मतगणना कक्ष तक सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी होगी।
प्रत्येक टेबल पर एक मतगणना पर्यवेक्षक, एक मतगणना सहायक और एक माइक्रो आब्जर्वर तैनात रहेंगे। हर प्रत्याशी का अधिकृत मतगणना अभिकर्ता भी संबंधित टेबल पर मौजूद रहेगा।
इसके अलावा रिटर्निंग अफसर, सहायक रिटर्निंग अफसर, डेटा इंट्री ऑपरेटर, तकनीकी टीम, रिजर्व स्टाफ समेत 100 से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों को मतगणना में लगाया गया है।
किसकी रणनीति पड़ी भारी, कम मतदान के संदेश पर निगाहें
बांकीपुर उपचुनाव में 34.31 प्रतिशत मतदान के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि मतदान केंद्र तक किस दल का कोर वोट बैंक सबसे अधिक पहुंचा। राजनीतिक दलों के साथ आमजन की नजरें भी इसी पर टिकी हैं कि कम मतदान का लाभ भाजपा, राजद या जन सुराज में से किसे मिला।
शहरी सीट होने से यहां बूथ प्रबंधन, समर्थकों को घरों से निकालकर मतदान केंद्र तक पहुंचाने की क्षमता व संगठन की सक्रियता हमेशा से निर्णायक मानी जाती रही है।
इस बार की मतगणना केवल विजेता का नाम तय नहीं करेगी, बल्कि यह भी बताएगी कि कम मतदान, शहरी मतदाताओं की उदासीनता व मजबूत बूथ नेटवर्क के बीच किस दल की चुनावी रणनीति सबसे प्रभावी रही।
शुरुआती तीन-चार राउंड के रुझान ही मुकाबले की दिशा का संकेत देने लगेंगे, जबकि दोपहर बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। पूरे प्रदेश की निगाहें इस पर रहेंगी कि कम मतदान ने किस दल के पक्ष में चुनावी गणित बदला।