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    अररिया जेल मामला, बिना SOP पालन के बांग्लादेशी बंदी की रिहाई पर उपाधीक्षक निलंबित

    Updated: Tue, 02 Jun 2026 09:41 PM (GMT+05:30)

    राज्य गृह (कारा) विभाग ने अररिया मंडल कारा के उपाधीक्षक प्रवीण कुमार को एसओपी का पालन किए बिना एक विचाराधीन बांग्लादेशी बंदी को रिहा करने के आरोप में ...और पढ़ें

    अररिया मंडल कारा के उपाधीक्षक प्रवीण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित(AI फोटो)

    अररिया मंडल कारा के उपाधीक्षक प्रवीण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित(AI फोटो)

    HighLights

    1. अररिया जेल उपाधीक्षक प्रवीण कुमार को निलंबित किया गया।

    2. SOP का पालन किए बिना बंदी को रिहा किया गया।

    3. नागरिकता सत्यापन और उच्च अधिकारियों को सूचना नहीं दी।

    राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य गृह (कारा) विभाग ने अररिया मंडल कारा के उपाधीक्षक प्रवीण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने तय एसओपी का पालन किए बिना एक विचाराधीन बंदी को जेल से रिहा कर दिया।

    विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता और प्रशासनिक लापरवाही माना है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय मोतिहारी केंद्रीय कारा निर्धारित किया गया है।

    साथ ही अधीक्षक को आरोप पत्र तैयार कर निर्धारित समय में भेजने का निर्देश दिया गया है।

    बंदी की पहचान और केस का विवरण

    जानकारी के अनुसार यह मामला अररिया थाना कांड संख्या 521/2004 से जुड़ा है।

    बंदी नवाब मूल रूप से बांग्लादेश के चपई नवाबगंज का निवासी बताया गया है।

    उस पर विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत मामला दर्ज था। हालांकि कोर्ट के आदेश में उसका पता अररिया का दर्ज था।

    जबकि जेल रिकॉर्ड में उसका बांग्लादेशी पता दर्ज पाया गया था।

    पता में भिन्नता और प्रशासनिक चूक

    इसी विरोधाभास को लेकर विभाग ने आपत्ति जताई है। दो अलग-अलग पतों के बावजूद कोई अतिरिक्त सत्यापन नहीं किया गया।

    उपाधीक्षक स्तर से बंदी की नागरिकता और पते की जांच नहीं हुई। एसओपी के तहत आवश्यक प्रक्रिया का पालन किए बिना रिहाई कर दी गई।

    यह सुरक्षा और प्रशासनिक नियमों की गंभीर अनदेखी मानी गई है।

    सूचना न देने पर बढ़ी कार्रवाई

    रिहाई की सूचना उच्च अधिकारियों या मुख्यालय को भी नहीं दी गई। इसे विभाग ने और गंभीर चूक माना है।

    कारा प्रशासन ने इसे अनुशासनहीनता और लापरवाही करार दिया। इसी आधार पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई।

    विभाग अब पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटा है।

    एक अलग मामले में डीएसपी को राहत

    इसी क्रम में एक अन्य आदेश में डीएसपी अभिषेक सिंह को निलंबनमुक्त कर दिया गया है। उन्हें पुलिस मुख्यालय में योगदान करने का निर्देश दिया गया है।

    मोकामा चुनाव के दौरान लापरवाही के आरोप में उन्हें पहले निलंबित किया गया था। अब विभागीय समीक्षा के बाद उन्हें बहाल कर दिया गया है।

    इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।