बिहार के नवादा में इंसानियत शर्मसार; शव ले जाने के नहीं दी एंबुलेंस, स्ट्रेचर के लिए भी दो को PHC में रहना पड़ा बंधक
बिहार के नवादा में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। एक शव को ले जाने के लिए एम्बुलेंस नहीं दी गई, और स्ट्रेचर के लिए भी दो लोगों को पीएचस ...और पढ़ें

नवादा के अकबरपुर पीएचसी से स्ट्रेचर पर शव ले जाते स्वजन। वीडियो ग्रैब
HighLights
नवादा में शव ले जाने को नहीं मिली एंबुलेंस
स्ट्रेचर के लिए दो लोगों को बनाया बंधक
पीएचसी में मानवता हुई शर्मसार
संवाद सूत्र, अकबरपुर( नवादा)। सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारु करने के काफी प्रयास कर रही है, लेकिन निचले स्तर के कर्मी कवायदों को असफल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।
नवादा के अकबरपुर का एक वायरल वीडियो कुछ ऐसा ही है। इसमें अस्पताल से शव ले जाने के लिए एंबुलेंस तो दी नहीं, स्ट्रेचर दिया तो उसके लिए परिवार के दो लोगों को जमानत के तौर पर रख लिया।
घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार अजय साह नामक व्यक्ति की मां बीमार पड़ी तो अकबरपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
अजय साव ने बताया कि उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई थी। अस्पताल ले जाने पर उनकी मौत हो गई। इसके बाद जब एंबुलेंस मांगा तो कहा गया कि डेड बॉडी ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं दी जाएगी। उसके लिए अलग गाड़ी होती है, उसको कॉल करिए।
परिवार के लोग घर ले जाने के लिए किसी गाड़ी की व्यवस्था नहीं कर पाए तो इसके बाद स्ट्रेचर मांगा तो उसमें भी अस्पताल का स्टाफ अनाकानी करने लगा। कहा कि रात के समय स्ट्रेचर नहीं दे सकते।
काफी मिन्नत की। कहा कि आपको विश्वास नहीं है तो मेरे परिवार के दो लोग रहेंगे। इंसानियत के नाते मदद कर दीजिए। तब दो लोगों को वहां रोका गया। एक तरह से बंधक के तौर पर एक युवक व एक महिला अस्पताल में रुके।
इसके बाद परिवार के लोग स्ट्रेचर पर शव रखकर उसे घर ले गए। अकबरपुर बाजार में किसी ने इसका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। शव घर पहुंचाने के बाद रात करीब 11 बजे स्ट्रेचर लौटाया गया, तब दोनों लोग वहां से मुक्त हुए।
वीडियो में बताया जा रहा है कि अस्पताल के लोगों को जब इसपर पूछा गया तो वे सीधे मुकर गए। एक जीएनएम वीडियो में अपनी असमर्थता व्यक्त करता है। वहीं सिविल सर्जन ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी, जो दोषी होंगे, उनपर कार्रवाई होगी।
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इस पूरे मामले पर अकबरपुर सीएचसी के प्रभारी डा. राजेश कुमार ने कहा कि अस्पताल में शव वाहन उपलब्ध नहीं है। वैसे मामले की विस्तृत जानकारी ली जा रही है।
इधर वीडियो को लेकर स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर अस्पताल समय पर एंबुलेंस या उचित व्यवस्था उपलब्ध करा देता, तो स्वजन इस तरह की मजबूरी में नहीं पड़ते। अब यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।