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    बौद्ध सर्किट फोरलेन निर्माण में मुआवजे पर रार, ग्रामीणों ने सड़क निर्माण रोकने की दी चेतावनी

    Updated: Wed, 28 Jan 2026 04:08 PM (IST)

    राजगीर-सालेपुर बौद्ध सर्किट फोरलेन निर्माण में भूमि अधिग्रहण को लेकर सिलाव के किसानों ने मुआवजा लेने से इनकार कर दिया है। किसानों का आरोप है कि उन्हें ...और पढ़ें

    बौद्ध सर्किट फोरलेन निर्माण में मुआवजे पर रार

    बौद्ध सर्किट फोरलेन निर्माण में मुआवजे पर रार

    HighLights

    1. सिलाव के किसानों ने फोरलेन मुआवजे को ठुकराया।

    2. उचित मुआवजा न मिलने पर सड़क निर्माण रोकने की चेतावनी।

    3. सर्किल रेट से काफी कम मुआवजा देने का आरोप।

    संवाद सूत्र,सिलाव। राजगीर से सालेपुर बौद्ध सर्किट फोरलेन पथ निर्माण में भूमि अधिग्रहण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नगर पंचायत सिलाव के किसानों ने अधिग्रहित भूमि का मुआवजा लेने से इनकार कर दिया है। बुधवार को जिला प्रशासन द्वारा मुआवजा भुगतान के लिए शिविर का आयोजन किया गया था, लेकिन किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक उचित मुआवजा तय नहीं होगा, तब तक वे न तो भुगतान स्वीकार करेंगे और न ही सड़क निर्माण होने देंगे।

    किसानों का आरोप है कि सरकार के अधीनस्थ अधिकारियों ने मुआवजा निर्धारण में भारी विसंगति पैदा की है और उनकी जमीन औने-पौने दामों में जबरन लेने की कोशिश की जा रही है। 

    दोहरी नीति अपनाने का आरोप 

    किसानों ने सरकार और प्रशासन पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना मुआवजा तय किए ही भूमि पर दखल देने की तैयारी की जा रही है, जो सरासर अन्याय है। किसानों ने चेतावनी दी कि किसी भी हाल में सड़क निर्माण शुरू नहीं होने देंगे, इसके लिए उन्हें जो भी कुर्बानी देनी पड़े, वे तैयार हैं।

    मौके पर पहुंचे एडीएम राजीव रंजन ने किसानों से संवाद करते हुए माना कि किसानों के साथ गलत हुआ है और इसमें सुधार की आवश्यकता है। 

    मुआवजा दिलाने के लिए प्रशासन करेगा सहयोग

    उन्होंने किसानों से वर्तमान में दी जा रही राशि लेने की अपील की और भरोसा दिलाया कि शेष मुआवजा दिलाने के लिए प्रशासन सहयोग करेगा। हालांकि किसानों ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया।

    बताया जाता है कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी राजगीर को बौद्ध सर्किट मार्ग से जोड़ने के लिए फोरलेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इस मार्ग में सिलाव मौजा नगर पंचायत क्षेत्र में आता है, लेकिन यहां तय की गई मुआवजा राशि पड़ोसी पंचायतों से भी कम है, जिससे किसानों में आक्रोश है।

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    प्रति डिसमिल मात्र 82 हजार 500 रुपये 

    किसानों ने बताया कि उन्हें प्रति डिसमिल मात्र 82 हजार 500 रुपये का अवार्ड दिया गया है, जबकि सर्किल रेट चार लाख 90 हजार रुपये प्रति डिसमिल है। वर्ष 2017 में इसी मौजा में सड़क परियोजना के लिए सर्किल रेट से दोगुना मुआवजा दिया गया था। किसानों ने फसल मुआवजा के साथ-साथ उचित भूमि मुआवजा भुगतान की मांग की है।