नेपाल में तबाही के बीच 176 शव मिले, 33 घायल, 3,318 जवानों ने संभाला मोर्चा
नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण बाढ़ ने तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 176 शव बरामद हुए हैं ...और पढ़ें

नेपाल में बाढ़ के बाद बढ़ी परेशानी।
HighLights
रसुवा बाढ़ में 176 शव मिले, 33 लोग घायल।
3,318 पुलिसकर्मी राहत और बचाव अभियान में जुटे।
28 पुलिसकर्मी लापता, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त।
अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण बाढ़ ने तबाही की भयावह तस्वीर सामने ला दी है। मलबे और उफनती धाराओं के बीच राहत दलों को लगातार शव मिल रहे हैं।
नेपाल पुलिस के ताजा अपडेट के अनुसार अब तक 176 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 33 घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। आपदा के बीच 3,318 पुलिसकर्मी राहत और बचाव अभियान में जुटे हैं। बता दें कि नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह भी सक्रिय हैं। बाढ़ से प्रभावित इलाकों का लगातार दौरा कर रहे हैं।
नेपाल के सभी बचाव एजेंसी के साथ लगातार समीक्षा कर रहे हैं।
कई जवानों से अब भी संपर्क नहीं
नेपाल पुलिस के अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैनात 28 पुलिसकर्मियों से अभी संपर्क नहीं हो सका है। टिमुरे पुलिस कार्यालय में तैनात 23 में से 13, रसुवागढ़ी पुलिस चौकी के दो में से एक, स्याफ्रुबेँसी के आठ में से पांच, मैलुङ के पांच में से तीन, ब्राबाती के 10 में से दो और हाकु चौकी के छह में से पांच जवानों से संपर्क हो चुका है।
सात जिलों के लोगों के शव मिले
बरामद शवों में रसुवा के साथ नुवाकोट, धादिङ, चितवन, गोरखा, तनहुँ और अन्य क्षेत्रों के लोग शामिल हैं। इससे बाढ़ की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है। राहत दल प्रभावित इलाकों में मलबा हटाकर लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।
छह अस्पतालों में घायलों का इलाज
बाढ़ में घायल 33 लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। त्रिवि शिक्षण अस्पताल में 11, ट्रमा सेंटर में आठ, वीर अस्पताल में दो, बीरेन्द्र सैनिक अस्पताल में एक, नागरिक अस्पताल में दो और मनमोहन अस्पताल में एक घायल का उपचार चल रहा है।
टूटी सड़कें और पुल बने बड़ी चुनौती
बाढ़ की तेज धाराओं ने कई संपर्क मार्ग और पुलों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। इससे राहत एवं बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में मुश्किल हो रही है। कई स्थानों पर मलबा और क्षतिग्रस्त सड़कें अभियान की रफ्तार रोक रही हैं। नेपाल पुलिस के साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी खोज, उद्धार और राहत कार्य में लगी हैं।
मलबे में जिंदगी की तलाश
बाढ़ का पानी कम होने के बाद अब बचाव दलों का पूरा ध्यान मलबे में दबे लोगों और लापता लोगों की तलाश पर है। हर गुजरते घंटे के साथ चुनौती बढ़ रही है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और घायलों को सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाने का काम भी जारी है।

