मुजफ्फरपुर में छात्रा से दुष्कर्म के केस में उम्र का खेल! स्कूल रजिस्टर से छेड़छाड़, सरेंडर के बाद भी घर कुर्क
मुजफ्फरपुर के तुर्की थाना क्षेत्र में छात्रा दुष्कर्म के पॉक्सो मामले में पीड़िता की उम्र में हेरफेर और अभियुक्त के आत्मसमर्पण के बाद भी घर की कुर्की- ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
पॉक्सो मामले में पीड़िता की उम्र में हेरफेर का आरोप।
स्कूल के एडमिशन रजिस्टर में जन्मतिथि बदली गई।
आत्मसमर्पण के बाद भी अभियुक्त के घर की कुर्की।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। तुर्की थाना क्षेत्र के छात्रा दुष्कर्म से जुड़े पाक्सो मामले में मुकदमे को गंभीर बनाने के लिए पीड़िता की उम्र में कथित हेरफेर का मामला सामने आया है। स्कूल के एडमिशन रजिस्टर में जन्मतिथि बदलने का आरोप है।
इतना ही नहीं, अभियुक्त के अदालत में आत्मसमर्पण की सूचना मिलने के बाद भी उसके घर की कुर्की-जब्ती कर दी गई। मामले की सुनवाई के दौरान विशेष कोर्ट ने वादी की भूमिका और जांच अधिकारी की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने दोनों मामलों में संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया है।
उम्र में किया गया बदलाव
मामले के अनुसार, पीड़िता की वास्तविक जन्मतिथि 03 सितंबर 2011 बताई गई थी। आरोप है कि इसे बदलकर 03 फरवरी 2014 कर दिया गया। इससे पीड़िता की उम्र कम हो गई और मामला अधिक गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। कोर्ट के समक्ष स्कूल एडमिशन रजिस्टर में प्रविष्टि के साथ छेड़छाड़ और हेरफेर का मामला सामने आया।
स्कूल रजिस्टर से छेड़छाड़
जन्मतिथि में बदलाव को लेकर विशेष कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया। कोर्ट ने एसएसपी को संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई करने और मामले में आवश्यक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उम्र में इस तरह के कथित बदलाव से मुकदमे की प्रकृति पर भी असर पड़ने की बात सामने आई।
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सरेंडर की सूचना, फिर भी कुर्की
मामले में जांच अधिकारी अदिति कुमारी की कार्रवाई पर भी कोर्ट ने सवाल उठाया। अभियुक्त के अदालत में आत्मसमर्पण की सूचना वाट्सएप और फोन के माध्यम से संबंधित कार्यालय को दिए जाने की बात सामने आई। इसके बावजूद आइओ ने अभियुक्त के घर की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई कर दी।
गृह प्रवेश से पहले पहुंची पुलिस
बताया गया कि जिस घर की कुर्की की गई, वहां गृह प्रवेश का कार्यक्रम होने वाला था। सरेंडर की सूचना के बावजूद कुर्की किए जाने को कोर्ट ने गंभीर चूक माना। विशेष कोर्ट ने एसएसपी को जांच अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
दोषी को 20 साल की सजा
मामले में दोषी मुकेश कुमार राय को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। अब मामले की सुनवाई के दौरान सामने आई उम्र में कथित हेरफेर और कुर्की की कार्रवाई ने वादी और आइओ की भूमिका को भी सवालों के घेरे में ला दिया है।