मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर से सीतामढ़ी-दरभंगा तक इन 70 स्पॉट पर मंडराता हादसे का खतरा, NHAI ने लगाए चेतावनी बोर्ड
NHAI ने मुजफ्फरपुर के चार राष्ट्रीय राजमार्गों पर 70 से अधिक स्थानों को क्रैश प्रोन एरिया घोषित किया है। इन जगहों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं ताकि वा ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
NHAI ने मुजफ्फरपुर में 70+ क्रैश प्रोन स्पॉट चिह्नित किए।
चार राष्ट्रीय राजमार्गों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।
रामदयालु मोड़ पर तीन साल में 50 से अधिक हादसे।
बाबुल दीप, मुजफ्फरपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क दुर्घटना में कमी लाने को लेकर एनएचएआइ ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर-मोतिहारी, मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर-दरभंगा एनएच पर 70 से अधिक स्पाट को चिह्नित कर एनएचएआइ ने इसे क्रैश प्रोन एरिया घोषित किया है।
इन जगहों पर इससे संबंधित चेतावनी वाला बोर्ड भी लगाया गया है। इसपर दो वाहनों के बीच टक्कर को भी दर्शाया गया है, ताकि वाहन चालक पूरी सतर्कता के साथ वहां से गुजरें।
यह बोर्ड एनएच के ठीक किनारे लगाया गया और इसपर रेडियम भी लगा है, ताकि रात में भी इसे देखने में परेशानी नहीं हो। मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर एनएच पर रामदयालु-भिखनपुरा मोड़ और मदरसा चौक के समीप इसे लगाया गया है।
इसके अलावा भटंडी, सबहा, पिपरी चौक समेत अन्य जगहों पर लगा है। इसी प्रकार मुजफ्फरपुर-मोतिहारी रोड में कांटी, मोतीपुर, शनिचरा स्थान के समीप समेत अन्य जगहों पर लगाया गया है।
सीतामढ़ी एनएच पर भी धरमपुर, झपहां समेत 20 से अधिक जगहों पर यह बोर्ड लगा है। मुजफ्फरपुर-दरभंगा एनएच पर भी गरहां, मझौली, सदातपुर समेत अन्य स्पाट चिह्नित किए गए हैं।
सर्वे कर ऐसे स्पाट की पहचान की गई
एनएचएआइ ने पिछले तीन से चार वर्षों में उक्त मार्गों में हुई घटना का विशलेषण किया। इसके बाद सर्वे कराया गया कि आखिरकार यहां पर अधिक हादसे क्यों होते हैं।
इस दौरान पता लगा कि तीखे मोड़, गाेलंबर और चौराहा होने के कारण अन्य दिशा से आने वाले वाहन दूर से नहीं दिखते। अचानक से सामने आने पर पता लगता है।
इस कारण दो वाहनों के बीच टक्कर होती है। सर्वे रिपोर्ट और हादसों के आंकड़ों को ध्यान में रखकर इन स्थलों को क्रैश प्रोन एरिया घोषित किया गया है।
यहां दुर्घटना की रहती अधिक संभावना
एनएचएआइ के एक पदाधिकारी ने बताया कि क्रैश प्रोन एरिया उस क्षेत्र को घोषित किया जाता है, जहां सड़क सुरक्षा की स्थिति खराब हो और दुर्घटना की संभावना अधिक रहती हो। उसे क्रैश प्रोन एरिया घोषित किया जाता है।
रामदयालु मोड़ पर 50 से अधिक हादसे
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, सिर्फ रामदयालु-भिखनपुरा मोड़ पर ही तीन वर्षों में 50 से अधिक हादसे हुए हैं। इस दौरान छह लोगों की जान भी गई है।
इसके अलावा 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं। दो वाहनों के बीच तो प्रत्येक सप्ताह टक्कर होती है। इसी प्रकार मदरसा चौक के समीप भी तीन साल में आठ से अधिक लोगों की जान सड़क हादसे में गई है।