आसमान से गिरा लाल लाइट वाला रहस्यमयी यंत्र, मुजफ्फरपुर के कुढ़नी में मची खलबली
Radiosonde Device Bihar:मुजफ्फरपुर के कुढ़नी में आसमान से लाल लाइट वाला एक बैलूननुमा यंत्र गिरने से हड़कंप मच गया। बाद में पता चला कि यह दक्षिण कोरिया ...और पढ़ें

कुढ़नी में गिरा बैलूननुमा यंत्र। फोटो: जागरण
HighLights
मुजफ्फरपुर के कुढ़नी में बैलूननुमा यंत्र गिरा।
लाल लाइट वाला यंत्र देख ग्रामीणों में डर।
यह मौसम संबंधी रेडियोसाउंड उपकरण निकला।
पंचायत सूत्र, पकाही (मुजफ्फरपुर)। IMD Weather Equipment: जिले के कुढ़नी प्रखंड अंतर्गत पकाही पंचायत के बाघी हरनारायण गांव में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब आसमान से एक अजीबोगरीब बैलूननुमा यंत्र आ गिरा।
इस यंत्र में लाल रंग की लाइट जल रही थी, जिसे देखकर स्थानीय ग्रामीणों में डर और उत्सुकता का माहौल बन गया। देखते ही देखते मौके पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
क्या है आसमान से गिरे यंत्र का सच
शुरुआती डर के बाद जब ग्रामीणों और स्थानीय जानकारों ने उपकरण को नजदीक से देखा, तो उस पर छपी जानकारियों से स्थिति साफ हुई।
दरअसल, यह आसमान से गिरा कोई खतरनाक ऑब्जेक्ट नहीं, बल्कि मौसम संबंधी आंकड़े जुटाने वाला एक वैज्ञानिक उपकरण है। यह दक्षिण कोरिया की 'वेदेक्स कंपनी लिमिटेड' द्वारा निर्मित एक 'रेडियोसाउंड' (Radiosonde) यंत्र है।
मौसम की जानकारी जुटाता है उपकरण
इस वैज्ञानिक उपकरण को गैस से भरे एक बड़े गुब्बारे के सहारे वायुमंडल में ऊपर छोड़ा जाता है। इसका मुख्य काम ऊपरी वायुमंडल में तापमान, आर्द्रता (नमी), हवा की रफ्तार और उसकी दिशा से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े एकत्र करना होता है।
हवा में अत्यधिक ऊंचाई पर जाने के बाद जब गैस का गुब्बारा फट जाता है, तो यह यंत्र धागे या छोटे पैराशूट के सहारे धीरे-धीरे जमीन पर आ गिरता है।
मौसम विभाग ने जारी किया सुरक्षा संदेश
ग्रामीणों की चिंता को दूर करते हुए इस उपकरण पर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का एक विशेष संदेश भी अंकित मिला। मौसम विभाग की ओर से इस पर साफ शब्दों में लिखा गया है कि यह यंत्र पूरी तरह से सुरक्षित, हानिरहित और डिस्पोजेबल है।
विशेषज्ञों ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं
मौसम वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के मुताबिक, इस यंत्र से आम जनता या पर्यावरण को किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। इसमें रेडियोएक्टिव या कोई नुकसानदेह तत्व नहीं होते हैं। यंत्र की असल पहचान सामने आने और इसके पूरी तरह सुरक्षित होने की पुष्टि के बाद कुढ़नी के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।