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मुजफ्फरपुर में घर बैठे अपडेट होगी जमाबंदी, अंचल कार्यालय का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं

Published: Thu, 08 Oct 2026 09:48 PM (GMT+05:30)

Jamabandi Update Campaign: मुजफ्फरपुर में जमाबंदी अपडेट और उत्तराधिकार नामांतरण का विशेष अभियान चल रहा है, जिसमें राजस्व कर्मचारी घर-घर ...और पढ़ें

राजस्व कर्मचारी अपने लागिन पर पहले से अपलोड खतियान, जमाबंदी और दाखिल-खारिज के दस्तावेजों के आधार पर विसंगतियों को चिह्नित कर उनमें सुधार कर रहे हैं।

राजस्व कर्मचारी अपने लागिन पर पहले से अपलोड खतियान, जमाबंदी और दाखिल-खारिज के दस्तावेजों के आधार पर विसंगतियों को चिह्नित कर उनमें सुधार कर रहे हैं।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Jamabandi Update: मुजफ्फरपुर जिले में जमाबंदी अपडेट और उत्तराधिकार नामांतरण को लेकर विशेष अभियान चल रहा है।

जिले में करीब सात लाख जमाबंदियों को अपडेट किया जाना है। इसके लिए रैयतों को अंचल कार्यालय का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है।

राजस्व कर्मचारी घर-घर जाकर अथवा अपने लागिन पर प्रदर्शित दस्तावेज और आंकड़ों के आधार पर जमाबंदी अपडेट कर रहे हैं।

अभियान के दौरान कुछ विसंगतियां भी सामने आ रही हैं। अपर समाहर्ता राजस्व कुमार प्रशांत ने बताया कि मुख्यालय से भेजा गया आंकड़ा अंतिम नहीं है।

सात लाख जमाबंदी अपडेट

अपर समाहर्ता ने बताया कि सूची में कुछ ऐसे मामले भी प्रदर्शित हो रहे हैं, जिनमें जमीन की बिक्री हो चुकी है और जमाबंदी शून्य हो गई है। ऐसे मामलों को भी आंकड़े में शामिल कर भेजा गया है। अब इन मामलों को छांटकर अलग किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि 31 अक्टूबर तक शत प्रतिशत निष्पादन का लक्ष्य दिया गया है। निर्धारित समय तक कार्य पूरा करने की तैयारी है।

अभियान की नियमित रूप से मानिटरिंग की जा रही है और सभी अंचलाधिकारियों को विशेष रूप से अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी गई है।

रोजाना हो रही निगरानी

अंचलाधिकारी खुद भी प्रतिदिन निष्पादित मामलों की जानकारी ले रहे हैं। अपर समाहर्ता ने बताया कि मिसिंग लगान के मामलों में भी तेजी से काम किया गया है। अब तक करीब 99 प्रतिशत मिसिंग लगान का कार्य निष्पादित हो चुका है।

अभियान के तहत दो तरीके से काम किया जा रहा है। राजस्व कर्मचारी अपने लागिन पर पहले से अपलोड खतियान, जमाबंदी और दाखिल-खारिज के दस्तावेजों के आधार पर विसंगतियों को चिह्नित कर उनमें सुधार कर रहे हैं।

घर जाकर लिए दस्तावेज

इसके अलावा राजस्व कर्मचारी अमीन और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ रैयतों के घर भी जा रहे हैं। वहां रैयत से वंशावली, मृत्यु प्रमाण पत्र और सहमति पत्र लिया जा रहा है। इन दस्तावेजों के आधार पर उत्तराधिकार नामांतरण की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

अभियान में शून्य और डुप्लीकेट जमाबंदियों को अलग किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सिर्फ जीवित और वास्तविक जमाबंदीधारियों से संबंधित रिकॉर्ड पर काम करना है।

प्रशासन की ओर से निर्धारित समय सीमा में अभियान पूरा करने के लिए सभी अंचलों में कार्य की निगरानी की जा रही है।