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    बिहार के स्कूलों में शिक्षकों का होगा ‘रोटेशन’, 5 साल से तैनात शिक्षक निशाने पर

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 09:32 PM (IST)

    शिक्षा विभाग मुजफ्फरपुर में पांच साल से अधिक समय से एक ही स्कूल में पदस्थापित शिक्षकों के सामान्य स्थानांतरण की तैयारी कर रहा है। इसका उद्देश्य शिक्षक ...और पढ़ें

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    HighLights

    1. पांच साल से एक ही स्कूल में शिक्षकों का स्थानांतरण।

    2. शिक्षकों का संतुलित उपयोग, विषयवार कमी दूर करना लक्ष्य।

    3. स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर शिक्षकों में असमंजस की स्थिति।

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। शिक्षा विभाग की ओर से लंबे समय से एक ही विद्यालय में पदस्थापित शिक्षकों के सामान्य स्थानांतरण की तैयारी से शिक्षकों में बेचैनी बढ़ गई है।

    विभाग की नजर पांच वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों पर है। सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया में निर्धारित श्रेणी के शिक्षकों के लिए आवेदन करना अनिवार्य किया जा सकता है।

    ऐसे शिक्षक आवेदन नहीं करते हैं तो विभागीय स्तर से उनका स्थानांतरण किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों को भी स्थानांतरण के दायरे में लाया जा सकता है।

    विभाग का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षकों का संतुलित उपयोग करने के साथ विषयवार शिक्षकों की कमी को दूर करना है। सरप्लस शिक्षकों को जरूरत वाले विद्यालयों में भेजे जाने की संभावना है, ताकि संबंधित विषयों में शिक्षकों की कमी को पूरा किया जा सके।

    विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता पर उठ रहे सवाल

    शिक्षकों का कहना है कि विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता का आकलन केवल विद्यार्थियों और शिक्षकों की कुल संख्या के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।

    जिले के कई विद्यालयों में पहली से पांचवीं कक्षा में शिक्षकों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है, जबकि छठी से आठवीं कक्षा में विषयवार शिक्षकों की कमी बनी हुई है।

    शिक्षकों के अनुसार मध्य विद्यालयों में हिंदी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान समेत अन्य विषयों के लिए पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण है।

    आवेदन को लेकर भी असमंजस 

    शिक्षकों के बीच स्थानांतरण की प्रक्रिया और आवेदन को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि नियमों में लगातार बदलाव की बात सामने आ रही है।

    पोर्टल पर स्थानांतरण के लिए आवेदन लिया गया और उस समय कहा गया था कि आवेदन करने वाले शिक्षकों का ही स्थानांतरण किया जाएगा। इससे लंबे समय से एक ही विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है।

    शिक्षक स्थानांतरण की स्पष्ट नीति और प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक किए जाने की मांग कर रहे हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविंद सिन्हा ने कहा कि विभागीय नियमानुसार ही शिक्षकों का स्थानांतरण होगा। स्थानांतरण को लेकर गठित कमेटी ही निर्णय लेगी।

    • पहली से पांचवीं कक्षा में शिक्षकों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक तो छठी से आठवीं में विषयवार कमी
    • सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया में निर्धारित श्रेणी के शिक्षकों के लिए आवेदन करना हो सकता है अनिवार्य
    • सरप्लस शिक्षकों को भी लाया जा सकता है स्थानांतरण के दायरे में