मुजफ्फपुर में 30 साल से बंद मोतीपुर चीनी मिल में नई हलचल, किसानों के अच्छे दिन की आहट
मुजफ्फरपुर की मोतीपुर चीनी मिल को दोबारा शुरू करने की कवायद तेज हो गई है, जिससे उत्तर बिहार के हजारों गन्ना किसानों को राहत मिली है। निरानी शुगर्स लिम ...और पढ़ें

चीनी मिल का निरीक्षण करते अधिकारी।
HighLights
मोतीपुर चीनी मिल दोबारा शुरू करने की कवायद तेज।
निरानी शुगर्स लिमिटेड की टीम ने किया मिल का निरीक्षण।
किसानों को गन्ने की बिक्री के लिए मिलेगी सुविधा।
अमरेन्द्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। उत्तर बिहार के हजारों गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर है। करीब तीन दशक से बंद पड़ी मोतीपुर चीनी मिल को दोबारा चालू करने की कवायद तेज हो गई है।
मिल संचालन में रुचि दिखाते हुए निरानी शुगर्स लिमिटेड की तकनीकी टीम ने परिसर का निरीक्षण किया। कंपनी के इस कदम से किसानों में उम्मीद जगी है कि अब उन्हें गन्ने की बिक्री के लिए दूर-दराज की चीनी मिलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
तकनीकी टीम ने किया विस्तृत निरीक्षण
निरानी शुगर्स लिमिटेड की तकनीकी टीम ने मोतीपुर चीनी मिल की मशीनरी, भवन, आधारभूत संरचना और उपलब्ध भूमि का बारीकी से निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों ने टीम को पूरे परिसर का भ्रमण कराया और मिल से जुड़ी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई।
ईख आयुक्त से जल्द होगी बैठक
निरीक्षण के दौरान निरानी समूह के चेयरमैन ने अधिकारियों को बताया कि उनकी कंपनी मिल के पुनरुद्धार को लेकर गंभीर है। जल्द ही कंपनी की टीम ईख आयुक्त से मुलाकात कर आगे की कार्ययोजना पर चर्चा करेगी। सहायक निदेशक गन्ना विकास अरविंंद कुमार ने बताया कि निरीक्षण रिपोर्ट भी मुख्यालय भेजी जा रही है, जिसके बाद अगले कदम तय होंगे।
भूमि और संसाधनों का भी किया आकलन
मोतीपुर चीनी मिल का परिसर करीब 40 एकड़ में फैला है। इसके अलावा गन्ना विकास कार्यों के लिए लगभग 96 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध है। तकनीकी टीम ने इन सभी संसाधनों का भी आकलन किया, ताकि भविष्य की योजना तैयार की जा सके।
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1997 से बंद है चीनी मिल
मोतीपुर चीनी मिल 30 मार्च 1997 से बंद पड़ी है। इसके दोबारा संचालन की मांग वर्षों से किसान और स्थानीय लोग उठाते रहे हैं। बंदी के कारण किसानों को अपना गन्ना दूसरे जिलों की मिलों तक ले जाना पड़ता है, जिससे परिवहन लागत बढ़ती है और लाभ कम हो जाता है।
रीगा मिल की सफलता से बढ़ी उम्मीद
विभागीय सूत्रों के अनुसार निरीक्षण करने वाली बेंगलुरु की निरानी शुगर्स लिमिटेड वर्तमान में सीतामढ़ी की रीगा चीनी मिल का सफल संचालन कर रही है। वहां मिल शुरू होने से गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिला है। इसी अनुभव के आधार पर मोतीपुर चीनी मिल के पुनरुद्धार की संभावना भी मजबूत मानी जा रही है।
जमीन की मापी भी शुरू
चीनी मिल की जमीन को लेकर अंचल स्तर पर मापी का कार्य भी शुरू हो गया है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद जमीन मिल को उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पुनरुद्धार की दिशा में प्रशासनिक प्रक्रिया भी गति पकड़ती नजर आ रही है। किसानों को उम्मीद है कि लंबे इंतजार के बाद अब मोतीपुर चीनी मिल में फिर से चिमनी का धुआं उठेगा।