मोतीपुर चीनी मिल की जमीन की पैमाइश पूरी, 51 एकड़ पर अतिक्रमण, 215 एकड़ मिली खाली
मोतीपुर चीनी मिल की 266 एकड़ जमीन की पैमाइश पूरी हो गई है, जिसमें 51 एकड़ पर अतिक्रमण और 215 ...और पढ़ें

इस ऐतिहासिक चीनी मिल को अब पीपीपी मोड पर संचालित करने की योजना है। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Motipur Sugar Mill: मोतीपुर चीनी मिल को पुनर्जीवित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) को लीज पर दी गई 266 एकड़ जमीन की पैमाइश और सीमांकन का कार्य पूरा कर लिया गया है।
इस जांच में मिल की 51 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण पाया गया जबकि 215 एकड़ भूमि पूरी तरह खाली मिली है।
विभाग को भेजी रिपोर्ट
जिला प्रशासन ने खाली जमीन और अतिक्रमण से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट गन्ना उद्योग विभाग को भेज दी है। मोतीपुर अंचलाधिकारी की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद अपर समाहर्ता कुमार प्रशांत कुमार ने 215 एकड़ खाली जमीन का ब्यौरा सरकार को सौंपा है।
लगभग 30 वर्षों से बंद पड़ी इस ऐतिहासिक चीनी मिल को अब पीपीपी मोड पर संचालित करने की योजना है।
अमीनों की टीम तैनात
जमीन का सीमांकन 17 अमीनों की टीम ने पांच अलग-अलग मौजा में पूरा किया। पैमाइश में सामने आया कि सबसे अधिक अतिक्रमण बखरा मौजा की 28.58 एकड़ जमीन पर है जहां पक्के निर्माण और दुकानें बन चुकी हैं।
बरियारपुर मौजा में दर्ज 114.57 एकड़ में से 96.48 एकड़ जमीन खाली पाई गई जबकि शेष भूमि पर कब्जा है।
हटेगा अवैध कब्जा
पचरूखी मौजा में आठ एकड़ में से लगभग 7.3 एकड़ जमीन खाली मिली है और शेष हिस्से पर कब्जा पाया गया है। प्रशासन जल्द ही चिन्हित 51 एकड़ जमीन को खाली कराने के लिए विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू करेगा।
अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद यह पूरी जमीन चीनी मिल संचालन के लिए चयनित कंपनी को सौंपी जाएगी।
कंपनियों ने दिखाई रुचि
चीनी मिल को शुरू करने के लिए औद्योगिक समूहों ने परिसर का दौरा करना शुरू कर दिया है। रीगा चीनी मिल का संचालन करने वाली कर्नाटक की निरानी शुगर्स लिमिटेड के संचालक मरुगेश आर निरानी की टीम ने हाल ही में परिसर का मुआयना किया था।
215 एकड़ सुरक्षित जमीन मिलने के बाद अब मिल के पुनरुद्धार की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
