मुजफ्फरपुर में अवैध एलपीजी रिफिलिंग रैकेट का खुलासा, नेपाल कनेक्शन होने की आशंका
Nepal Connection Gas Smuggling: मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में अवैध एलपीजी गैस रिफिलिंग रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने छापेमारी कर एक टैंकर, पिकअप, टोट ...और पढ़ें

जब्त टैंकर के साथ छापेमारी दल में शामिल अधिकारी। फोटो: जागरण

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संवाद सहयोगी, जागरण, मोतीपुर (मुजफ्फरपुर)। Muzaffarpur Gas Refiling Case: एलपीजी गैस की किल्लत के बीच मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र में अवैध गैस रिफिलिंग के बड़े रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है।
एसडीपीओ पश्चिमी-वन सुचित्रा कुमारी के नेतृत्व में हुई छापेमारी में एलपीजी से भरा टैंकर, पिकअप, टोटो और 54 खाली सिलिंडर के साथ रिफिलिंग उपकरण जब्त किए गए।
नरियार गाछी में अवैध धंधा
पुलिस को सूचना मिली थी कि एनएच किनारे नरियार स्थित एक गाछी में टैंकर से गैस निकालकर छोटे सिलिंडरों में भरी जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर छापेमारी की, लेकिन पुलिस के पहुंचते ही सभी धंधेबाज फरार हो गए।
नेपाल भेजने की तैयारी
जांच में सामने आया कि नगालैंड नंबर का टैंकर ओडिशा के पारादीप स्थित आईओसीएल प्लांट से गैस लेकर नेपाल जा रहा था। आशंका है कि रास्ते में गैस निकालकर अवैध रूप से सप्लाई की जा रही थी। इससे इस रैकेट के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने की संभावना जताई गई है।
54 सिलिंडर और कई वाहन जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 54 खाली गैस सिलिंडर, एक बोलेरो पिकअप, एक ई-रिक्शा (टोटो) और गैस रिफिलिंग के उपकरण बरामद किए। सभी सामान को जब्त कर मोतीपुर थाने को सौंप दिया गया है।
आरोपियों की तलाश जारी
मामले में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी उमेश कुमार की शिकायत पर टैंकर चालक समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
खतरनाक तरीके से रिफिलिंग
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गैस की किल्लत का फायदा उठाकर गिरोह सुनसान इलाकों में टैंकर रोककर अवैध रिफिलिंग करता था। यह प्रक्रिया बेहद खतरनाक होती है, क्योंकि जरा सी चिंगारी से आग या विस्फोट की आशंका बनी रहती है।
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नेपाल कनेक्शन की जांच
पुलिस का मानना है कि इस पूरे रैकेट के तार नेपाल से जुड़े हो सकते हैं। टैंकर के रूट और नंबर प्लेट को देखते हुए इसकी गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
ऐसे होती है अवैध रिफिलिंग
जांच में यह भी सामने आया कि टैंकर चालक की मिलीभगत से पहले सुनसान स्थान पर वाहन रोका जाता है। इसके बाद वाल्व से छेड़छाड़ कर अस्थायी पाइप के जरिए गैस निकालकर छोटे सिलिंडरों में भरी जाती है। कई बार गैस लीक का बहाना बनाकर भी यह खेल किया जाता है।