मुजफ्फरपुर में बदलाव की उम्मीद से शुरू हुआ सफर, अब कर्ज की मुसीबत तक पहुंचा, जीविका दीदियां मांग रहीं नो ड्यूज
मुजफ्फरपुर में जीविका दीदियां मशरूम क्लस्टर योजना में धोखाधड़ी का शिकार होने के बाद कर्ज माफी की मांग कर रही हैं। कंपनी निदेशक ने उनके नाम पर करोड़ों ...और पढ़ें

इसमें एआई जनरेटेड तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
जीविका दीदियां मशरूम क्लस्टर धोखाधड़ी की शिकार हुईं।
कंपनी ने उनके नाम पर करोड़ों का लोन लिया।
अब वे कर्ज माफी और नो ड्यूज की मांग कर रही हैं।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । ठगी की शिकार हुईं जीविका दीदियों की समस्या का समाधान नहीं हो सका। पिछले दिनों ने सभी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था और 10 अगस्त तक का समय दिया था।
इस दौरान उनलोगों ने मशरुम क्लस्टर की शुरुआत करने व लोन की राशि माफ करने की मांग की थी, लेकिन संज्ञान नहीं लिया गया। बोचहां की गीता देवी ने बताया मंगलवार से वे लोग समाहरणालय में धरना प्रदर्शन करेंगी।
उनलोगों की मांग है कि जो लोन की राशि उनके नाम से दी गई उसका नो ड्यूज दे दिया जाए, क्योंकि अब लोन चुकता करने का समय नहीं बचा है। पांच साल का समय था। इसमें से तीन साल बीत चुके हैं।
दो साल में लोन नहीं चुका सकेंगी, क्योंकि अभी स्मार्ट हर्ट का काम भी शुरू नहीं हुआ है। अगर इसकी शुरुआत अभी से भी कराई जाती है तो स्मार्ट हर्ट तैयार होने में महीनों लग जाएंगे।
पहले से जो इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया था उसपर पिछले दिनों बिजली गिरने से क्षतिग्रस्त हो चुका है। अब उनलोगों को काम नहीं चाहिए। लोन की राशि माफ कर नो ड्यूज दे दिया जाए।
विदित हो कि जीविका दीदियों के प्रदर्शन व हंगामे के बाद एक सप्ताह पहले ग्रेविटी एग्रो एंड एनर्जी एजेंसी के निदेशक ने एक मशरूम क्लस्टर का उद्घाटन किया था, जबकि अभी भी कई क्लस्टर का काम होना शेष है।
सभी दीदियां मानसिक रूप से परेशान हैं। इसलिए अब वे लोग धरना प्रदर्शन के लिए विवश हैं। वर्ष 2023 में लखपति बनाने का झांसा देकर कंपनी के निदेशक ने दीदियों के नाम पर करोड़ों रुपये का लोन पास करा लिया और पूरी राशि अपने खाते में जमा करा ली। इसके बाद तीन साल तक कोई काम नहीं किया।