विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुजफ्फरपुर में नीतीश कुमार के दौरे पर हेलीपैड पर ही आपस में भिड़े जदयू नेता, गाली-गलौज के साथ जमकर हुआ हंगामा

By Amrendra TiwariEdited By: Prateek Jain
Updated: Wed, 15 Feb 2023 12:40 AM (IST)

JDU Leaders Clash In Muzaffapur समाधान यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से रतवारा पहुंचे। वहां उनके स्वागत करने वालों की सूची में नाम को लेकर जिलाध्यक्ष मनोज किसान व पूर्व जिलाध्यक्ष रंजीत सहनी की टीम में भिड़ंत हो गई।

जिलाध्यक्ष मनोज किसान व पूर्व जिलाध्यक्ष रंजीत सहनी की टीम में भिड़ंत हो गई।
जिलाध्यक्ष मनोज किसान व पूर्व जिलाध्यक्ष रंजीत सहनी की टीम में भिड़ंत हो गई।

मुजफ्फरपुर, जागरण संवाददाता: समाधान यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से रतवारा पहुंचे। वहां उनके स्वागत करने वालों की सूची में नाम को लेकर जिलाध्यक्ष मनोज किसान व पूर्व जिलाध्यक्ष रंजीत सहनी की टीम में भिड़ंत हो गई।

बात गाली-गलौज से मारपीट तक पहुंच गई। दोनों तरफ से लाठियां भांजने की नौबत आ गई। इसके बाद कुछ वरीय कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया।

इसकी शिकायत जिलाध्यक्ष ने प्रदेश अध्यक्ष से की है। वीडियो फुटेज भी भेजा है। दूसरी ओर पूर्व जिलाध्यक्ष रंजीत सहनी ने पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पहुंचे, वहां इसकी लिखित शिकायत की।

इस तरह बढ़ा विवाद

मुख्यमंत्री को शेरपुर पंचायत सरकार भवन जाने के लिए रतवारा में बने हेलीपैड पर उतरना था। इसी बीच वहां स्वागत के लिए जदयू जिलाध्यक्ष मनोज किसान के साथ समर्थक खड़े थे। वह एक सूची के आधार पर अंदर चले गए।

वहीं, जब रंजीत सहनी ने समर्थकों के साथ अंदर जाने की कोशिश की तो सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों समेत अन्य पदाधिकारियों ने गेट के भीतर जाने से रोक दिया। इसपर वह आगबबूला हो गए। साथियों के साथ प्रवेश वाले गेट को पीटना शुरू कर दिया। जबरन गेट खोलकर अंदर घुस गए।

जिलाधिकारी ने संंभाला मामला

जिलाधिकारी ने तत्काल मामले को संभाला और सबको अंदर लाकर सीएम से मिलवाया। फिर सीएम वहां से शेरपुर के लिए निकल गए। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया। दोनों ओर से लाठी भांजने की नौबत आ गई। हालांकि, कोई घायल नहीं हुआ।

रंजीत सहनी ने बताया कि वे मुख्यमंत्री से मिलने की लिस्ट में शामिल थे। आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष ने एसडीओ पूर्वी से मिलकर सूची बदल दी। उन्होंने 75 लोगों की सूची जिलाधिकारी को सौंपी थी। वह आए तो आधे-अधूरे नाम थे।

कहा कि जब पूरी जिला कमेटी भंग है तो जो जिलाधिकारी ने सूची जारी की उसका पालन होना चाहिए था। हेलीपैड पर मिलने वालों में जदयू के युवा नेता अनुपम कुमार, शैलेश कुमार शैलू, कुंदन शांलिल्य, सुनील चौधरी आदि थे।

मुख्यालय तक पहुंची शिकायत 

जिलाध्यक्ष मनोज किसान ने कहा कि उन्होंने एसडीओ से मिलकर सूची दी थी, उसमें सबका नाम था। बिना मतलब का हंगामा किया गया। उनको रंजीत सहनी कहते हैं कि जिलाध्यक्ष नहीं हैं। यह गलत है।

वह अध्यक्ष हैं और राज्य मुख्यालय ने 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती के आयोजन की जवाबदेही दी है। 18 को बैठक करेंगे। हंगामे का वीडियो भेजा गया है। मुख्यालय के आदेश का पालन होगा।