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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Durga Puja 2023: मुजफ्फरपुर के अखाड़ाघाट में दिखेगा दक्षिणेश्वर काली माता मंदिर का स्वरूप, 80 फीट ऊंचा होगा पंडाल

By Gopal TiwariEdited By: Rajat Mourya
Updated: Fri, 13 Oct 2023 03:18 PM (IST)

मुजफ्फरपुर के अखाड़ाघाट में इस बार दुर्गा पूजा का आयोजन काफी भव्य और विशाल देखने को मिलेगा। अखाड़ाघाट में दुर्गा पूजा समिति द्वारा 80 फीट ऊंचा पंडाल ब ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर के अखाड़ाघाट में दिखेगा दक्षिणेश्वर काली माता मंदिर का स्वरूप, 80 फीट ऊंचा होगा पंडाल
मुजफ्फरपुर के अखाड़ाघाट में दिखेगा दक्षिणेश्वर काली माता मंदिर का स्वरूप, 80 फीट ऊंचा होगा पंडाल

HighLights

  1. अखाड़ाघाट में बनेगा 80 फीट ऊंचा पंडाल
  2. माता दुर्गा के सामने भोलेनाथ शेषनाग पर रहेंगे विराजमान
  3. 70 लोगों की कमेटी विधि-व्यवस्था को बनाए रखने में करेगी मदद

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Navratri 2023 अखाड़ाघाट दुर्गा पूजा समिति नवरात्र की तैयारियों में जुट गई है। विगत 11 वर्षों से यहां पूजा हो रही है। इस बार दुर्गा माता की 15 फीट ऊंची भव्य मूर्ती बनाई जा रही है। गेट भी काफी आकर्षक बनाया जा रहा है। पंडाल दक्षिणेश्वर काली माता मंदिर के स्वरूप में दिखेगा।

लाइटिंग की जबरदस्त व्यवस्था की गई है। काफी जगह होने से पंडाल की ऊंचाई करीब 80 फीट बनाई जा रही। माता दुर्गा के सामने भगवान भोलेनाथ शेषनाग पर विराजमान होंगे। इसके अलावा, माता सरस्वती, माता लक्ष्मी, भगवान गणेश व भगवान कार्तिकेय होंगे।

पाठ कराने के लिए बनारस से आएंगे आचार्य

पूजा समिति के अध्यक्ष राणा आलोक सिंह ने बताया कि पाठ कराने के लिए बनारस के अलावा स्थानीय पंडित रवि भूषण तिवारी रहेंगे। साहू रोड के मूर्तिकार मुन्ना द्वारा प्रतिमाओं का निर्माण कराया जा रहा है। यहां माता की महाआरती सुबह 11 बजे व शाम में 7:30 बजे होती है।

अध्यक्ष ने बताया कि पूजा पंडाल व प्रतिमा को सप्तमी से दशमी तक अलग-अलग भोग लगाए जाएंगे। षष्टी को राजमा-चावल, सप्तमी को खिचड़ी, अष्टमी को पूड़ी-छोला, नवमी को पूड़ी-हलवा, सब्जी तथा दशमी को चावल-कढ़ी से मां का भोग लगेगा। उसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किए जाएंगे।

आकर्षक रूप देने की कोशिश

अध्यक्ष ने बताया कि पूजा पंडाल की कलाकृतियों को आकर्षक बनाने की तैयारी है। देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचते रहे हैं। प्रखंडों से भी पूजा समिति के लोग पूजा पंडाल की सजावट देखने आते हैं। हर वर्ष पहले से अलग करने की कोशिश रहती है। इसमें 70 लोगों की कमेटी है। ये विधि-व्यवस्था को बनाए रखने में मदद करेंगे।

कोलकाता के कारीगर तैयारी में जुटे

स्थानीय मूर्तिकार सन्नी कुमार के नेतृत्व में कोलकाता के कारीगर पूजा पंडाल एवं रंग-बिरंगी रोशनियों की सजावट में लगे हैं। यहां के वरिष्ठ लोग के नेतृत्व में पूरे आयोजन श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाता है।

सीके शाही, यदुवंश नारायण सिंह, भूषण सिंह मुखिया, उमेश सिंह, अनिल सिंह, अमरेन्द्र सिंह, सत्यनारायण सिंह आदि पूरे नवरात्र यहां की व्यवस्था में तैनात रहते हैं। अष्टमी के दिन सैकड़ों महिलाएं माता खोइछां भरने आती हैं।

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