मुजफ्फरपुर में दादर पुल पर भारी वाहनों का परिचालन बंद, लगाया गया लोहे का खंभा
मुजफ्फरपुर के दादर पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है क्योंकि पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल के दोनों छोर पर लोहे के खंभे लगाए ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
दादर पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित।
पुल के दोनों छोर पर लोहे के खंभे लगाए गए।
मरम्मत के लिए 4.5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । क्षतिग्रस्त हो चुके दादर पुल से भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने को पुल निर्माण निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को डीएम से स्वीकृति मिलने के बाद बुधवार को पुल के दोनों छोर पर लोहे के खंभे लगा दिए गए हैं।
अब इसपर ऊपर से लोहे का पाइप लगाकर भारी वाहनों का परिचालन रोक दिया जाएगा। पुल निर्माण निगम के वरीय परियोजना अभियंता आलोक कुमार ने बताया एक-दो दिन में काम पूरा हो जाएगा और परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी जाएगी।
दादर पुल से गुजरने वाले भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी तैयार किया गया है। इसके तहत चांदनी चौक से बैरिया जीरोमाइल होते हुए दादर पुल की ओर से जाने वाले भारी वाहन चांदनी चौक के नीचे से एनएच होते हुए पुल को पार करेंगे।
लोहे की बैरिकेडिंग हो जाने के बाद बस के आवागमन पर भी रोक लग जाएगी। दरभंगा की ओर से आने वाले भारी वाहन फोरलेन होकर मोतिहारी एनएच पर जा सकेंगे। बताया कि अभी मुख्यालय से मरम्मत कार्य की स्वीकृति नहीं मिली है।
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करीब साढ़े चार करोड़ रुपये से मरम्मत का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। स्वीकृति के बाद ज्वाइंट एक्सपेंशन, बैरिंग, ग्राउंड लेवल व ऊपरी सतह की मरम्मत कराई जाएगी। इसके अलावा पुल निर्माण निगम की टीम निरीक्षण कर इसके अन्य हिस्सों का भी जायजा ले रही है।
प्रतिदिन दो हजार से अधिक भारी वाहनों का होता परिचालन
दादर पुल से प्रतिदिन दो हजार से अधिक भारी वाहनों का परिचालन होता है। यह पुल करीब चार दशक पुराना है। बीच में कई बार इसकी मरम्मत हुई है, लेकिन पिछले 10 वर्षों में इसपर अत्यधिक ट्रैफिक लोड होने से जर्जर हो चुका है।
पुल के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और इसमें दरारें आ गई हैं। प्लास्टर उखड़ने लगा है। सरिया भी बाहर आ गई है। कार्बन फाइबर व एपाक्सी तकनीक से मरम्मत कराई जाएगी। इससे पुल की लाइफ बढ़ जाएगी।
एक सप्ताह में अन्य पुलों पर लग जाएगी रोक
माड़ीपुर आरओबी भी क्षतिग्रस्त है। आइआइटी पटना की टीम ने भी इसपर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने का सुझाव दिया था। पुल निर्माण निगम यहां पर भी बैरिकेडिंग करने में जुट गया है।
इसके अलावा पथ निर्माण विभाग-एक के अधीन देवरिया-बरूराज पथ व अंबारा पथ के पांचवें किलोमीटर पर स्थित पुल पर भी भारी वाहनों के परिचालन में एक सप्ताह के अंदर रोक लगाने को बैरिकेडिंग कर दी जाएगी।
60 लाख से बनना है अंबारा पुल
पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ई.गणेशजी ने बताया देवरिया-बरूराज पथ में पुल बन चुका है। इसका एप्रोच बनाया जाना है, लेकिन भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। इसलिए निर्माण कार्य रुका है।
इस नए पुल से ठीक सटा पुराना पुल है। यह क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसलिए इसपर से भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई जा रही है। इसके अलावा अंबारा में सड़क चौड़ीकरण का काम हो चुका है, लेकिन अब नया पुल बनाया जाना है।
इसका निर्माण करीब 60 लाख रुपये से होगा। इसे आउटपुट एंड परफार्मेंस-बेस्ड रोड मेंटेनेंस कांट्रैक्ट (ओपीआरएमसी) में शामिल कर लिया गया है। यह पुल भी जर्जर हालत में है। इसपर से भी भारी वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है।