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    मुजफ्फरपुर में नाक में मोती फंसने से तड़पता रहा 2 साल का मासूम, 2 दिन भटकने के बाद मिला इलाज का आश्वासन

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 12:29 AM (IST)

    मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में दो वर्षीय बच्चे के नाक में फंसे मोती को निकालने के लिए उसकी मां दो दिनों से भटक रही है, चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप है ...और पढ़ें

    मोती के माला निकलवाने के इंतजार में बच्चा को गोद में लेकर एसकेएमसीएच में ओपीडी के बाहर खड़ी मां। (जागरण)

    मोती के माला निकलवाने के इंतजार में बच्चा को गोद में लेकर एसकेएमसीएच में ओपीडी के बाहर खड़ी मां। (जागरण)

    HighLights

    1. दो वर्षीय बच्चे के नाक में फंसा मोती।

    2. मां दो दिनों से इलाज के लिए भटक रही।

    3. एसकेएमसीएच में चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप।

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। एसकेएमसीएच में चिकित्सकों की लापरवाही थम नहीं रही। एक दो वर्षीय मासूम के नाक में फंसे मोती को निकालने के लिए उसकी मां दो दिनों से दर-दर भटक रही है, लेकिन कोई चिकित्सक ने बच्चे के नाक में फंसे मोती को नहीं निकाल सके।

    थक-हारकर पीड़ित मां दिनभर एसकेएमसीएच परिसर में ओपी के पास बच्चे को गोद में लेकर खड़ी रही, लेकिन किसी चिकित्सक ने बच्चे को मोती निकालने की कवायद नहीं कर सका। पीड़ित बच्चा आखाड़ाघाट के मो. जावेद का दो वर्षीय पुत्र मो. फैजान है।

    स्वजन ने बताया कि चिकित्सक बुधवार को दोपहर मो. फैजान ने खेलने के दौरान नाक में मोती डाल लिया। चिल्लाने पर जब वह पहुंची तो मोती मो. फैजान के नाम के अंदर तक प्रवेश कर गया।

    इसके बाद वह स्थानीय लोगों के कहने पर एसकेएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड बच्चा को लेकर पहुंची। यहां इमरजेंसी वार्ड के चिकित्सक ने बच्चा को देखने के बाद किसी से मोबाइल पर बातचीत की।

    बातचीत के बाद उसे बच्चा को लेकर कान, नाक, गला विभाग के ओपीडी में आने को कहा। हालांकि, जब वह कान, नाक, गला विभाग के ओपीडी में गुरुवार को पहुंची तो एक चिकित्सक ने सीनियर को आने के बारे में बताया।

    सांस लेने में हो रही तकलीफ

    वह सीनियर के इंतजार में ओपीडी के बाहर एसकेएमसीएच ओपी के बाहर खड़ा रही। तबतक ओपीडी का समय समाप्त हो गया। बच्चे की मां ने बताया कि बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो रही है।

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    इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने संवेदनशीलता नहीं दिखा रही। इधर, अधीक्षक डा. महेश प्रसाद ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद कान, नाक, गला विभाग के विभागाध्यक्ष से बातचीत किया गया है।

    बच्चा को सुबह के ओपीडी में बुलाया गया था, लेकिन वह लेट से पहुंचा। फिर भी बच्चा को शाम में भर्ती कर लिया गया। नाक में फारेन बाडी फंसा है। इसे शुक्रवार को लेजर के जरिए निकालने का प्रयास किया जाएगा।

    अधीक्षक ने यह भी कहा है कि ऐसे मामले को लेकर विभागाध्यक्ष को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि ऐसे केस से जुड़े मामले को तत्काल उपचार करें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।