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    BPSC 70th Result: 'हर 1 मिनट का इस्तेमाल...', मुजफ्फरपुर की बहू बनीं SDM; बोलीं- पति का पूरा सपोर्ट मिला

    Updated: Mon, 22 Jun 2026 03:29 PM (IST)

    BPSC Selected Candidates: मुजफ्फरपुर की प्रीति कुमारी ने BPSC 70वीं परीक्षा में 166वीं रैंक हासिल कर SDM का पद प्राप्त किया है। सरकारी शिक्षिका रहते ह ...और पढ़ें

    एसडीएम बहू के गांव पहुंचने पर फूल माला से जोरदार स्वागत किया गया। फोटो: जागरण

    एसडीएम बहू के गांव पहुंचने पर फूल माला से जोरदार स्वागत किया गया। फोटो: जागरण

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    संवाद सहयोगी, गायघाट(मुजफ्फरपुर)।  BPSC 70th Exam Result: कहते हैं कि अगर हौसलों में उड़ान हो, तो बंदिशों की दीवारें खुद-ब-खुद ढह जाती हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट प्रखंड के कमरथू गांव की बहू प्रीति कुमारी ने।

    प्रीति ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करते हुए 166वीं रैंक का परचम लहराया है।

    उनका चयन सूबे के सबसे प्रतिष्ठित पदों में से एक एसडीएम (SDM) के लिए हुआ है। तैयारी और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन की यह कहानी मुजफ्फरपुर की उस 'बेटी-बहू' की है, जिसने एक सरकारी शिक्षिका के रूप में अपनी सेवा देते हुए, घर-परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी संभाली और अपनी जिद के आगे कामयाबी को झुकने पर मजबूर कर दिया।

    जब गांव पहुंची 'एसडीएम बहू'

    रविवार की शाम करीब 5 बजे जैसे ही प्रीति कुमारी अपने पति सरोज कुमार और बच्चे के साथ कमरथू गांव की सीमा में दाखिल हुईं, पूरा माहौल उत्सव में बदल गया। ग्रामीणों ने अपनी लाडली बहू का स्वागत पलक-पावड़े बिछाकर किया।

    गाड़ियों के काफिले पर फूलों की बारिश होने लगी और पूरा इलाका 'भारत माता की जय' और 'प्रीति कुमारी जिंदाबाद' के नारों से गूंज उठा। ससुर रामराजी कुशवाहा, भैंसुर मनोज कुशवाहा और अमित कुमार सहित परिवार का हर सदस्य इस ऐतिहासिक पल को अपनी आंखों में समेटने के लिए बेताब दिखा।

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    संघर्ष की अनकही दास्तान

    प्रीति कुमारी की यह उड़ान इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने एक सुरक्षित नौकरी मिलने के बाद भी अपने सपनों को सीमित नहीं किया। वे एक सरकारी मध्य विद्यालय में शिक्षिका के पद पर तैनात थीं।

    दिनभर बच्चों को पढ़ाना, स्कूल की प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाना और फिर घर आकर एक मां और पत्नी का दायित्व पूरा करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। 

     नवनियुक्त एसडीएमप्रीति कुमारी ने कहा कि शिक्षिका की नौकरी मेरे लिए सम्मानजनक थी, लेकिन समाज के लिए कुछ बड़ा करने की तड़प हमेशा दिल में रही। मैंने स्कूल और परिवार के बाद मिलने वाले हर एक मिनट का इस्तेमाल अपनी पढ़ाई के लिए किया। 

    इस संघर्ष में उनके पति सरोज कुमार उनके सबसे बड़े स्तंभ बनकर खड़े रहे। सरोज कुमार खुद दिल्ली में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में ठेकेदार के रूप में काम करते हैं। उन्होंने दूर रहकर भी प्रीति की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी और उनके हौसले को हमेशा हवा दी।