उत्तराखंड में मिल रहे बिहार में फर्जी तरीके से जारी आर्म्स लाइसेंस वाले हथियार
उत्तराखंड में बिहार से जारी फर्जी आर्म्स लाइसेंस पर खरीदे गए हथियार पकड़े गए हैं, जिसमें 20 अवैध असलहे और 372 कारतूस जब्त हुए हैं। हरिद्वार पुलिस ने म ...और पढ़ें

इसमें AI जनरेटेड तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
उत्तराखंड में बिहार के फर्जी आर्म्स लाइसेंस पर हथियार पकड़े गए।
20 अवैध असलहे, 372 कारतूस और 14 आरोपित गिरफ्तार किए गए।
मुजफ्फरपुर के मोहन सिंह रावत का लाइसेंस भी जांच के दायरे में।
प्रेम शंकर मिश्रा, मुजफ्फरपुर। अब तक नगालैंड एवं अन्य पूर्वोत्तर राज्यों से जारी फर्जी आर्म्स लाइसेंस से हथियार खरीदे जाने के मामले सामने आ रहे थे। अब इसमें बिहार का भी नाम शामिल हो गया है।
बिहार से जारी फर्जी आर्म्स लाइसेंस पर खरीदे गए हथियार उत्तराखंड में पकड़े गए हैं। वहां की पुलिस ने मुजफ्फरपुर के अलावा उन जिलों के डीएम को पत्र भेजा है, जहां के लाइसेंस फर्जी होने की आशंका है। इसमें जिलों से जारी आर्म्स लाइसेंस की जांच का आग्रह किया गया है।
हरिद्वार के एसएसपी के पत्र के अनुसार उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में अब तक चार आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 20 अवैध असलहा 372 कारतूस और फर्जी आर्म्स लाइसेंस जब्त किए गए हैं।
अवैध असलहों में दो पंप एक्शन गन, चार रायफल, 13 पिस्टल आदि शामिल हैं। 14 आरोपित भी गिरफ्तार किए गए हैं। हरिद्वार एसएसपी के अनुसार जांच में यह बात सामने आई है कि बदमाशों ने फर्जी आर्म्स लाइसेंस, कूट रचित एनओसी, जाली अभिलेख एवं अंतरराज्यीय स्थानांतरण प्रक्रिया का दुरुपयोग कर इन लाइसेंसों को उत्तराखंड के आर्म्स रजिस्टर में दर्ज कराया है।
इनमें हरिद्वार में भी बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए आर्म्स लाइसेंस हैं। मामले की जांच विशेष जांच टीम (एसआइटी) कर रही है। टीम को दूसरे राज्यों से स्थानांतरित होकर आए आर्म्स लाइसेंस का सत्यापन किया जाना है।
मोहन सिंह रावत के नाम से जारी है लाइसेंस
हरिद्वार पुलिस ने मुजफ्फरपुर से जारी जिस लाइसेंस के जाली होने की आशंका जताई है, वह नगर थाना क्षेत्र के मोहन सिंह रावत के नाम से है। इसे मुजफ्फरपुर से उत्तराखंड स्थानांतरित किया गया था।
मोहन सिंह रावत का वर्तमान पता मोहम्मदपुर, थाना-रूड़की, जिला-हरिद्वार बताया गया है। मोहन सिंह रावत से बात करने पर उन्होंने बताया कि वह सेना से जुड़े हैं। मुजफ्फरपुर में एनसीसी में सेवा दी थी।
लाइसेंस के फर्जी होने की आशंका के सवाल पर कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया। कहा, यहां उसकी जांच की गई है। यहां आर्म्स मजिस्ट्रेट के स्तर से मामले की जांच की जा रही है। इससे पहले नगालैंड के कई जिले में अधिकारियों के फर्जी दस्तखत से आ ्म्स लाइसेंस जारी होने का मामला सामने आ चुका है। अभी उसकी जांच चल रही है।
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- हरिद्वार के एसएसपी ने मुजफ्फरपुर समेत संबंधित जिलों के डीएम को भेजा पत्र, लाइसेंस सत्यापन का आग्रह
- 20 अवैध असलहा व 372 कारतूस तथा फर्जी आर्म्स लाइसेंस जब्त होने के बाद पुलिस अलर्ट
- कूट रचित एनओसी, जाली अभिलेख एवं अंतरराज्यीय स्थानांतरण प्रक्रिया का दुरुपयोग कर खरीदे गए हथियार