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बिहार की जीविका दीदियों का सितारा फिर बुलंद, अब इंजीनियरिंग व पॉलीटेक्निक के मेस भी संभालेंगी

Published: Mon, 07 Sep 2026 04:44 AM (IST)

Engineering College Mess: बिहार के सभी इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक संस्थानों के छात्रावासों में अब जीविका दीदियां मेस का संचालन करेंगी। ...और पढ़ें

भोजन की गुणवत्ता सुधारने के लिए उठाया गया कदम। फाइल फोटो

भोजन की गुणवत्ता सुधारने के लिए उठाया गया कदम। फाइल फोटो

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bihar Jeevika Didis: एमआईटी समेत बिहार के सभी इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक संस्थानों के छात्रावासों में अब जीविका के जरिए मेस का संचालन होगा।

भोजन की गुणवत्ता सुधारने और प्रबंधन को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से विज्ञान, प्रावैधिकी और तकनीकी शिक्षा विभाग ने यह बड़ा फैसला लिया है।

विभाग ने इस संबंध में राज्य के सभी सरकारी तकनीकी संस्थानों के प्राचार्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश भेज दिए हैं।

खराब भोजन पर हंगामा

पिछले दो से तीन महीनों के दौरान एमआईटी सहित प्रदेश के कई तकनीकी परिसरों में घटिया भोजन को लेकर छात्रों का भारी आक्रोश देखने को मिला था।

कई जगह छात्र-छात्राओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और प्राचार्यों का घेराव कर उच्चाधिकारियों से लिखित शिकायतें की थीं।

शिकायतों के बावजूद कॉलेज स्तर पर कोई ठोस सुधारात्मक कदम न उठाए जाने पर विभाग ने खुद संज्ञान लेते हुए यह व्यवस्था बदली है।

छात्राएं हो गई थीं बीमार

एमआईटी में हाल ही में हॉस्टल मेस का खाना खाने से करीब डेढ़ दर्जन से अधिक छात्राएं अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ गई थीं। स्थिति बिगड़ने पर छात्राओं को आनन-फानन में एंबुलेंस से अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, जिसके बाद मामला प्रमंडलीय आयुक्त तक जा पहुंचा था।

जांच के दौरान पहुंचे एसडीओ के निरीक्षण में मेस व छात्रावास की साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता में कई गंभीर खामियां उजागर हुई थीं।

शिकायतों से मिलेगी राहत

संस्थानों में जीविका दीदियों के हाथों में कमान आने से न केवल छात्रों को घर जैसा पौष्टिक व स्वच्छ भोजन मिलेगा, बल्कि कॉलेज प्रशासन को भी रोज-रोज की किचकिच से मुक्ति मिलेगी।

जीविका समूह पहले से ही अस्पतालों और अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों में दीदी की रसोई का सफल संचालन कर अपनी साख जमा चुके हैं।

तकनीकी शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से हॉस्टलों में शांति का माहौल बनेगा और स्थानीय महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

केरल मॉडल का अध्ययन

इसके साथ ही बिहार में तकनीकी शिक्षा की समग्र गुणवत्ता सुधारने के लिए केरल मॉडल को अपनाने की योजना तैयार की गई है।

विभागीय सचिव जल्द ही केरल का दौरा कर वहां के अग्रणी संस्थानों के शैक्षणिक ढांचे और कौशल विकास के बेहतरीन प्रयोगों का अध्ययन करेंगे।

इस पहल का मुख्य मकसद तकनीकी संस्थानों में आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित करना और छात्रों को सीधे रोजगारपरक बाजार से जोड़ना है।