सबसे लंबी पेंटिंग बनाने में जुटे मिथिला चित्रकला संस्थान के कलाकार, रामायण की थीम पर रिकार्ड बनाने की तैयारी
World Record Longest Painting Ramayana: मधुबनी के मिथिला चित्रकला संस्थान के 160 छात्र 108 मीटर लंबी रामायण-थीम वाली पेंटिंग बनाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने ...और पढ़ें

कैनवास पर 108 मीटर लंबी पेंटिंग की शुरुआती स्केच का मुआयना करते डीएम आनंद शर्मा। फोटो: जागरण
HighLights
160 छात्र बना रहे 108 मीटर लंबी रामायण पेंटिंग।
पद्मश्री कलाकारों की देखरेख में विश्व रिकॉर्ड की तैयारी।
10 से 14 अगस्त तक 51 रामायण प्रसंगों का चित्रण।
जागरण संवाददाता, मधुबनी। Mithila Art Institute Madhubani: मधुबनी स्थित मिथिला चित्रकला संस्थान के 160 छात्र-छात्राएं विश्व की सबसे लंबी पेंटिंग तैयार करने की ऐतिहासिक मुहिम में जुट गए हैं। 10 से 14 अगस्त तक 108 मीटर लंबे विशाल कैनवास पर इस अनूठी चित्रकारी को उकेरा जाएगा।
रामचरितमानस पर आधारित
विश्व की यह सबसे लंबी पेंटिंग पूरी तरह से रामचरितमानस और रामायण के प्रसंगों पर केंद्रित होगी। इस विशाल चित्रकारी को 51 अलग-अलग प्रमुख थीमों के माध्यम से कैनवास पर प्रदर्शित किया जाएगा।
विश्व रिकॉर्ड की तैयारी
सोमवार से प्रतिभागी कलाकारों ने कैनवास पर स्केचिंग का कार्य आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस कलाकृति को वर्ल्ड रिकॉर्ड्स यूनियन में दर्ज कराने की विशेष पहल की जाएगी।
अनुभवी कलाकारों की भागीदारी
इस ऐतिहासिक आयोजन में संस्थान से सर्टिफिकेट और डिग्री कोर्स पूर्ण कर चुके पूर्व छात्र-छात्राएं भी भाग ले रहे हैं। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कलाकारों को संबोधित कर उनका उत्साहवर्धन किया और प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन दिया।
पद्मश्री विजेताओं की देखरेख
संस्थान के निदेशक चंद्रशेखर प्रसाद सिंह के अनुसार पेंटिंग का निर्माण पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित कलाकारों की देखरेख में हो रहा है। पद्मश्री बउआ देवी, पद्मश्री दुलारी देवी और पद्मश्री शिवन पासवान जैसे दिग्गज कलाकार छात्रों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
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तीन-तीन कलाकारों की टीम
रामायण के 51 प्रसंगों को चित्रित करने के लिए तीन-तीन कलाकारों की विशेष टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम की निगरानी और मार्गदर्शन का जिम्मा संस्थान के एक कनिष्ठ आचार्य को सौंपा गया है।
51 प्रमुख रामायण प्रसंग
पेंटिंग में श्रीगणेश, शिव-पार्वती संवाद, राम जन्म, अहल्या उद्धार, जनकपुर भ्रमण, धनुष यज्ञ, सीता-राम विवाह, केवट प्रसंग, भरत मिलाप, सीता हरण, लंका दहन और राम दरबार जैसे 51 जीवंत दृश्यों को शामिल किया जाएगा। 14 अगस्त तक इसे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।