मधुबनी पेंटिंग का बनेगा डिजिटल बाजार, कलाकारों की कलाकृतियां पहुंचेंगी देश-दुनिया के घरों तक
मधुबनी जिला प्रशासन और मिथिला चित्रकला संस्थान 15 अगस्त 2026 को 'मधुबनी आर्ट्स' ई-कॉमर्स पोर्टल लॉन्च करेंगे। यह पोर्टल मिथिला की कला और कलाकारों को व ...और पढ़ें

इसमें एआई जनरेटेड तस्वीर लगाई गई है।
जागरण संवाददाता, मधुबनी। मिथिला की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के बाजार से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन एवं मिथिला चित्रकला संस्थान ने बड़ी पहल की है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2026 को ‘मधुबनी आर्ट्स’ ई-कामर्स पोर्टल का शुभारंभ किया जाएगा।
इस डिजिटल मंच के माध्यम से मिथिला की प्रसिद्ध मधुबनी चित्रकला सहित अन्य कलाकृतियों को आनलाइन बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही स्थानीय कलाकार सीधे व्यापक ग्राहक आधार से जुड़ सकेंगे।
तीन श्रेणियों में होगी कलाकृतियों की पहचान
पोर्टल पर बिक्री के लिए उपलब्ध कलाकृतियों को गुणवत्ता के आधार पर मिथिला हेरिटेज, मिथिला सिग्नेचर और मिथिला क्लासिक श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा। इसके लिए मूल्यांकन समिति द्वारा बारकोड आधारित आनलाइन मूल्यांकन प्रणाली का उपयोग किया जाएगा।
इससे कलाकृतियों के मूल्यांकन में पारदर्शिता और मानकीकरण सुनिश्चित होगा। प्रत्येक कलाकृति का मिथिला चित्रकला संस्थान द्वारा प्रमाणीकरण किया जाएगा। खरीदारों को कलाकृति की प्रमाणिकता और गुणवत्ता का भरोसा दिलाने के लिए गारंटी/आथेंटिकेशन सर्टिफिकेट भी उपलब्ध कराया जाएगा।
कलाकारों को एक ही मंच पर मिलेगी पूरी सुविधा
‘मधुबनी आर्ट्स’ पोर्टल पर कलाकारों के लिए फेसलेस आर्टवर्क सबमिशन, डिजिटल आर्टिस्ट प्रोफाइल, लाइव डेमो और एसएमएस/ई-मेल अपडेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा कलाकृतियों की फ्रेमिंग, पैकेजिंग और डिलीवरी की सुविधा भी एकीकृत की जाएगी।
कलाकारों की सुविधा को देखते हुए इसका मोबाइल एप्लीकेशन भी विकसित किया जा रहा है। पोर्टल को हिंदी, अंग्रेजी और मैथिली सहित बहुभाषीय बनाया जा रहा है।
तकनीकी स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), जेनरेटिव एआई/चैटजीपीटी और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल की परिकल्पना की गई है। डेटा की सुरक्षा और विश्वसनीयता के लिए पोर्टल को स्टेट डेटा सेंटर पर होस्ट किया जाएगा।
एसबीआई पेमेंट गेटवे से भुगतान, डाक विभाग करेगा डिलीवरी
आनलाइन खरीदारी को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए पोर्टल पर एसबीआई पेमेंट गेटवे को एकीकृत किया गया है। वहीं, कलाकृतियों की सुरक्षित एवं व्यवस्थित डिलीवरी के लिए डाक विभाग के साथ एमओयू किया गया है। पोर्टल के तकनीकी विकास और क्रियान्वयन में नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर (एनआइसी) का तकनीकी सहयोग प्राप्त हो रहा है।
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पहले संस्थान के छात्र, फिर देशभर के कलाकार जुड़ेंगे
पोर्टल के प्रथम चरण में मिथिला चित्रकला संस्थान के वर्तमान एवं पूर्व छात्रों की कलाकृतियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त कलाकारों सहित अन्य योग्य कलाकारों को भी इससे जोड़ा जाएगा।
जिला प्रशासन की यह पहल केवल मधुबनी पेंटिंग की आनलाइन बिक्री तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य मिथिला की कला और कलाकारों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सीधी पहुंच उपलब्ध कराना है। इससे कलाकारों को पहचान के साथ बेहतर बाजार और आर्थिक अवसर मिलने की उम्मीद है।