भारत-नेपाल सीमा पर सामान जब्ती के खिलाफ मधुबनी में प्रदर्शन, सड़क जाम और आगजनी
भारत-नेपाल सीमा से सटे लौकहा-ठाड़ी बार्डर पर सामान जब्ती के विरोध में नेपाली ग्रामीणों और व्यापारियों ने प्रदर्शन किया, जिससे सड़क जाम और आगजनी हुई।

मधुबनी जिले के लौकहा-ठाड़ी बॉर्डर विरोध प्रदर्शन करते स्थानीय लोग।
HighLights
भारत-नेपाल सीमा पर सामान जब्ती के विरोध में प्रदर्शन।
नेपाली ग्रामीणों और व्यापारियों ने सड़क जाम कर आगजनी की।
डीएसपी के हस्तक्षेप के बाद स्थिति शांत, आगे आंदोलन की चेतावनी।
जागरण संवाददाता, खुटौना (मधुबनी)। भारत-नेपाल सीमा से सटे लौकहा-ठाड़ी बार्डर पर रविवार को तनाव की स्थिति बन गई। नेपाल के ठाड़ी क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों ने सामान जब्ती के विरोध में बार्डर पर प्रदर्शन किया।
आक्रोशित लोगों ने सड़क पर आगजनी की और बांस-बल्ला लगाकर दोनों देशों के बीच आवागमन को घंटों तक बाधित कर दिया। इससे सीमा पर आवाजाही पूरी तरह प्रभावित रही।
प्रदर्शन की सूचना पर लौकहा चेकपोस्ट पर तैनात एसएसबी जवानों ने मोर्चा संभाल लिया और भारतीय क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। एहतियातन नेपाल जाने वाले भारतीय नागरिकों को प्रदर्शन समाप्त होने तक रोक दिया गया। बाद में नेपाल के ठाड़ी के डीएसपी चंद्र बहादुर माड़ा मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया।
प्रदर्शन कर रहे जुगाई मंडल, चंदन मंडल, दुर्गानंद साह, शिव कुमार साह, पवन गुप्ता, राजेश साह समेत अन्य लोगों ने बताया कि भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराना मैत्रीपूर्ण और बेटी-रोटी का संबंध है।
लौकहा बाजार में खाने-पीने और घरेलू उपयोग की वस्तुएं अपेक्षाकृत सस्ती मिलती हैं, इसलिए सीमावर्ती नेपाली लोग अपने रिश्तेदारों के लिए जरूरत का सामान खरीदकर ले जाते हैं।
आरोप है कि ठाड़ी-सिरहा के डीएसपी के निर्देश पर नेपाल ले जाए जा रहे घरेलू उपयोग के सामान को जब्त कर कार्रवाई की जा रही है। इसी के विरोध में रविवार को एक दिवसीय सांकेतिक प्रदर्शन किया गया।
मौके पर पहुंचे डीएसपी चंद्र बहादुर माड़ा ने लोगों को समझाते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय सीमा है। कुछ लोग घरेलू उपयोग की आड़ में थोक मात्रा में सामान ले जाते हैं।
एक घर में चार लोग रहते हैं, लेकिन सामान 15 से 20 लोगों के उपयोग के बराबर ले जाया जाता है, ऐसी स्थिति में कार्रवाई करनी पड़ती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वरीय अधिकारी स्तर से लिखित आदेश आने पर उसी के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
इधर, नेपाल एपीएफ की कार्रवाई को लेकर सीमावर्ती इलाके में असंतोष बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एसएसबी और भारतीय कस्टम भारत-नेपाल के पारंपरिक संबंधों को ध्यान में रखकर व्यवहार करते हैं, जबकि एपीएफ की सख्ती से गरीब परिवारों को परेशानी हो रही है। मांग पूरी नहीं होने पर भविष्य में फिर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
