PM आवास की फाइलों पर छिड़ा संग्राम! बिहारीगंज नगर पंचायत में पार्षद-पार्षद पुत्र भिड़े, पुलिस ने दफ्तर में जड़ दिया ताला
मधेपुरा के बिहारीगंज नगर पंचायत कार्यालय में पीएम आवास योजना की फाइलों को लेकर पार्षदों और उनके परिजनों के बीच ...और पढ़ें

घटना की जानकारी देते पार्षद पुत्र प्रल्हाद महतो। जागरण
HighLights
बिहारीगंज नगर पंचायत में पीएम आवास योजना फाइलों पर विवाद।
पार्षदों और उनके परिजनों के बीच हुई तीखी बहस और मारपीट।
पुलिस ने कार्यालय में ताला लगाया, मामले की जांच के आदेश।
संवाद सूत्र, बिहारीगंज (मधेपुरा)। Madhepura PM Awas Yojana File Dispute Fight: मधेपुरा जिले के बिहारीगंज नगर पंचायत कार्यालय में गुरुवार शाम प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण/शहरी) की फाइलों की कंप्यूटर एंट्री के दौरान फर्जीवाड़े और हेराफेरी के आरोप को लेकर जमकर हाईवोल्टेज ड्रामा हुआ।
देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दफ्तर के भीतर जनप्रतिनिधियों, उनके पतियों और पुत्रों के बीच तीखी बहस के बाद मारपीट और हाथापाई शुरू हो गई। इस घटना के बाद कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
मधेपुरा जिले के बिहारीगंज नगर पंचायत कार्यालय में पीएम आवास योजना की फाइलों की एंट्री के दौरान दो पक्षों में चले लात-घूंसे
वार्ड 11 के पार्षद पति विजय सिंह, वार्ड 9 के पार्षद पुत्र प्रल्हाद महतो और वार्ड 3 के पार्षद मो. आजाद के बीच हुई हाथापाई
कार्यालय में कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) और मुख्य पार्षद के अनुपस्थित रहने पर पार्षद परिजनों द्वारा फाइलें देखने पर उठे बड़े सवाल
एसआई खुर्शीद आलम ने पुलिस बल के साथ पहुंचकर स्थिति कराई शांत; ईओ मनीला राज और मुख्य पार्षद नीतू देवी ने दिए जांच के आदेश
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाने के एसआई खुर्शीद आलम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसी तरह दोनों पक्षों को शांत कराकर दफ्तर में ताला बंद करवाया।
फाइलों से छेड़छाड़ और हेराफेरी का आरोप; पार्षद पति, पुत्र और पार्षद आपस में भिड़े
घटनाक्रम के अनुसार, नगर पंचायत कार्यालय में पीएम आवास योजना की फाइलों की प्रविष्टि की जा रही थी। इसी दौरान वार्ड 11 की पार्षद चुन्नी देवी के पति विजय कुमार सिंह और वार्ड 9 की पार्षद चानो देवी के पुत्र प्रल्हाद महतो के बीच फाइलों में कथित हेराफेरी को लेकर तू-तू, मैं-मैं हुई।
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तभी वार्ड 3 के पार्षद मो. आजाद वहां पहुंचे और उन्होंने प्रल्हाद महतो पर फाइलों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया, जिसके बाद दोनों के बीच लात-घूंसे चल गए। प्रल्हाद का कहना था कि वह अपने वार्ड के लाभुकों की फाइल ढूंढ रहे थे, जबकि विजय सिंह व मो. आजाद का आरोप है कि लाभुकों की फाइलें गायब की जा रही थीं।
ईओ और मुख्य पार्षद की अनुपस्थिति पर सवाल; पुलिस ने खाली कराया दफ्तर, जांच के आदेश
इस पूरे वाकये ने नगर पंचायत की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि बिना किसी अनुमति के पार्षद पुत्र और पार्षद पति सरकारी दफ्तर में गोपनीय फाइलें कैसे खंगाल रहे थे।
घटना के वक्त ईओ मनीला राज और मुख्य पार्षद नीतू देवी दफ्तर में मौजूद नहीं थीं। एसआई खुर्शीद आलम ने दोनों पक्षों को थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराने को कहा है। वहीं, कार्यपालक पदाधिकारी मनीला राज ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की गहन समीक्षा की जाएगी और फाइल गायब करने या शांति भंग करने में शामिल पाए जाने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।
"कार्यालय की विधि-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी कार्यपालक पदाधिकारी की है। पीएम आवास योजना जैसी महत्वपूर्ण फाइलें बाहरी या अनाधिकृत लोगों द्वारा देखा जाना नियमानुसार कतई उचित नहीं है। ईओ की अनुपस्थिति में किसी को प्रभार सौंपने की व्यवस्था होनी चाहिए।"
— नीतू देवी, मुख्य पार्षद, नगर पंचायत बिहारीगंज
"कार्यालय में मारपीट और कुछ फाइलें गायब होने की सूचना मिली है। जिला मुख्यालय में आवश्यक बैठक के कारण मैं दफ्तर में मौजूद नहीं थी। आवास योजना की फाइलों की समीक्षा कराई जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।"
