NH-80 की जमीन पर कब्जा करने वालों पर चला बुलडोजर! लखीसराय के सूर्यगढ़ा में तीसरे दिन भी कार्रवाई, कई पक्के निर्माण ध्वस्त
सूर्यगढ़ा बाजार क्षेत्र में NH-80 की सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का अभियान तीसरे दिन भी जारी रहा, जिसमें भारी ...और पढ़ें

मुंगेर-लखीसराय एनएच-80 की जमीन से अतिक्रमण हटाता एनएचएआई का बुलडोजर।
HighLights
सूर्यगढ़ा में NH-80 पर अतिक्रमण हटाओ अभियान तीसरे दिन भी चला।
अवैध पक्के निर्माण ध्वस्त हुए, कब्जेदारों को लाखों का नुकसान।
NHAI ने बचे अतिक्रमण पर भी कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी दी।
संसू., सूर्यगढ़ा (लखीसराय)। सूर्यगढ़ा बाजार क्षेत्र से गुजरने वाले मुंगेर-लखीसराय राष्ट्रीय राजमार्ग 80 (NH-80) की सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का बुलडोजर गुरुवार को लगातार तीसरे दिन भी जमकर गर्जा।
सोमवार से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत मंगलवार को व्यवसायियों को स्वयं कब्जे हटाने की मोहलत दी गई थी, लेकिन मोहलत बीतने के बाद बुधवार और गुरुवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कड़ा एक्शन लिया गया। तीसरे दिन थाना चौक से लेकर प्रखंड सह अंचल कार्यालय तक एनएच की जमीन पर बने अवैध ढांचों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
सूर्यगढ़ा बाजार में मुंगेर-लखीसराय एनएच-80 की जमीन पर वर्षों से जमे अतिक्रमण के खिलाफ एनएचएआई की कार्रवाई लगातार तीसरे दिन जारी
थाना चौक से प्रखंड कार्यालय तक निर्धारित मापी के तहत 16 फीट (और उससे अधिक) अतिक्रमण को बुलडोजर चलाकर कराया गया मुक्त
सहायक अभियंता मनीष कुमार, शेखर सिंह व पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई; पक्के निर्माण टूटने से अवैध कब्जेदारों को भारी नुकसान
व्यापारियों ने पर्याप्त समय न मिलने व मापी पर उठाए सवाल; एनएचएआई ने स्पष्ट किया—एनएच की 9 मीटर जमीन पर बचा अतिक्रमण भी हटेगा
एनएचएआई के सहायक अभियंता मनीष कुमार और शेखर सिंह की देखरेख में 16 फीट तक की दूरी को मानक मानकर चिन्हित जगहों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया, जबकि कई स्थलों पर जहां एनएच की जमीन अधिक थी, वहां और अंदर तक बुलडोजर चला।
उजड़ीं फुटपाथी दुकानें, पक्के कब्जेदारों को भी लाखों का नुकसान; दो अलग तस्वीरें आईं सामने
तीन दिनों तक चले इस व्यापक अभियान ने सूर्यगढ़ा बाजार में दो अलग तस्वीरें पेश कीं। एक तरफ जहां फुटपाथ पर चाय-नाश्ते व छोटे ठेले-खोमचे लगाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले गरीब दुकानदारों की रोजी-रोटी पर सीधा प्रहार हुआ और वे खुले आसमान तले टूटे ढांचों में फिर से दुकान सहेजते दिखे।
वहीं दूसरी तरफ, एनएच की जमीन पर फुटपाथ से आगे पक्का निर्माण खड़ा कर स्थायी कब्जा जमाने वाले रसूखदार दुकानदारों व भू-माफियाओं को भी इस कार्रवाई की भारी कीमत चुकानी पड़ी। कई पक्के निर्माण ध्वस्त होने से अवैध कब्जेदारों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
मापी और समय न देने पर कारोबारियों के सवाल; एनएचएआई ने दी बचे अतिक्रमण पर फिर कार्रवाई की चेतावनी
अभियान के दौरान कुछ स्थानीय कारोबारियों ने मापी की प्रक्रिया और समय न दिए जाने का आरोप लगाते हुए असंतोष जताया। उनका कहना था कि यदि पहले से स्पष्ट सीमा तय कर 24 घंटे की मोहलत दी जाती, तो वे स्वयं निर्माण हटा लेते। वहीं नगर परिषद के सुपरवाइजर व सफाईकर्मियों को अभियान में लगाने पर भी सवाल उठाए गए।
इस पूरे गतिरोध पर एनएचएआई के सहायक अभियंता मनीष कुमार ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग की चौड़ाई फुटपाथ से नौ मीटर (तथा कई जगहों पर उससे भी अधिक) है। फिलहाल एक मानक के तहत 16 फीट तक की जमीन खाली कराई गई है और बचे हुए सभी अवैध कब्जों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
