लखीसराय में परिसीमन: 10 हजार से अधिक आबादी वाली 3 दर्जन पंचायतों का बदलेगा स्वरूप, बदलेंगे सियासी समीकरण
बिहार सरकार ने 2026 के पंचायत चुनाव से पहले ग्राम पंचायतों के परिसीमन का निर्णय लिया है। इससे लखीसराय जिले की 76 ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर 100 से ...और पढ़ें

10 हजार से अधिक आबादी वाली 3 दर्जन पंचायतों का बदलेगा स्वरूप
HighLights
बिहार सरकार ने 2026 पंचायत चुनाव से पहले परिसीमन का निर्णय लिया।
लखीसराय में 76 से बढ़कर 100 से अधिक पंचायतें होंगी, बदलेगा स्वरूप।
परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाया जाएगा।
संवाद सहयोगी, लखीसराय। बिहार सरकार ने वर्ष 2026 के पंचायत चुनाव से पहले ग्राम पंचायतों के परिसीमन का निर्णय लिया है। इस फैसले का असर लखीसराय जिले की पंचायत व्यवस्था पर भी पड़ेगा। नए परिसीमन के बाद जिले की वर्तमान 76 ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर 100 से अधिक होने की संभावना जताई जा रही है।
इससे पंचायतों की सीमाओं के साथ-साथ कई निर्वाचन क्षेत्रों का स्वरूप भी बदल जाएगा। पंचायती राज विभाग ने वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर जिले की सभी ग्राम पंचायतों के आरक्षण रोस्टर संबंधी जिला गजट पहले ही प्रकाशित कर दिया है। अब इसी आधार पर पंचायतों, पंचायत समिति क्षेत्रों और जिला परिषद क्षेत्रों का परिसीमन कराया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, जिले के विभिन्न प्रखंडों में 10 हजार से अधिक आबादी वाले तीन दर्जन से अधिक पंचायतों का स्वरूप बदल सकता है। बड़हिया टाल क्षेत्र के पाली, एजनीघाट, लक्ष्मीपुर, जैतपुर और डुमरी सहित कई पंचायत परिसीमन की प्रक्रिया से प्रभावित हो सकते हैं।
वर्तमान में लखीसराय जिले में 76 ग्राम पंचायत, 1,067 वार्ड, 109 पंचायत समिति सदस्य क्षेत्र तथा 11 जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र हैं। परिसीमन के बाद इन सभी इकाइयों की सीमाओं और संख्या में बदलाव संभव माना जा रहा है।
2011 की जनगणना बनेगी आधार
सरकार ने ग्राम पंचायत, ग्राम पंचायत प्रादेशिक क्षेत्र, पंचायत समिति प्रादेशिक क्षेत्र और जिला परिषद प्रादेशिक क्षेत्र के गठन एवं परिसीमन के लिए वर्ष 2011 की जनगणना को आधार बनाया है। बताया जा रहा है कि लंबे अंतराल के बाद पंचायतों का व्यापक परिसीमन किया जा रहा है।
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विभागीय सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2011 की जनगणना के बाद जिले की आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऐसे में बढ़ती आबादी के अनुरूप पंचायतों और निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्गठन किया जाएगा। पंचायती राज विभाग जल्द ही परिसीमन की विस्तृत प्रक्रिया और दिशा-निर्देश जारी करेगा।
सरकार के इस निर्णय के बाद आगामी पंचायत चुनाव की तैयारी में जुटे संभावित प्रत्याशियों और वर्तमान जनप्रतिनिधियों के बीच नई राजनीतिक गणित को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सभी की नजर अब परिसीमन की आधिकारिक गाइडलाइन और नई पंचायत सीमाओं पर टिकी है।