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    लखीसराय: पत्नी के नहीं आने से तनाव में था दयानंद, मां की तेरहवीं के दिन लगा ली फांसी

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 03:20 PM (IST)

    लखीसराय के सूर्यगढ़ा में मां के श्राद्धकर्म के दिन एक युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने बताया कि पत्नी के न आने से युवक तनाव में था और अब मामले ...और पढ़ें

    पत्नी के नहीं आने से तनाव में था दयानंद, मां की तेरहवीं के दिन लगा ली फांसी (AI Generated Image)

    पत्नी के नहीं आने से तनाव में था दयानंद, मां की तेरहवीं के दिन लगा ली फांसी (AI Generated Image)

    HighLights

    1. युवक दयानंद ने मां के श्राद्धकर्म के दिन की आत्महत्या।

    2. पत्नी शालू के ससुराल न आने से था काफी तनाव में।

    3. पुलिस ने एफएसएल टीम से जांच कराई, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

    संवाद सूत्र, सूर्यगढ़ा (लखीसराय)। माणिकपुर थाना अंतर्गत सूर्यगढ़ा नगर परिषद क्षेत्र की वार्ड संख्या 13 मौलानगर में मां के श्राद्धकर्म के दौरान युवक दयानंद कुमार द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शनिवार की शाम घर के अंदर फंदे से लटकता उसका शव मिला था।

    घटना के बाद पहुंची पुलिस ने एफएसएल टीम को सूचना देकर घटनास्थल की जांच कराई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए लखीसराय भेजा गया।

    ग्रामीणों और स्वजन के अनुसार, दयानंद कुमार की शादी इसी वर्ष फरवरी में मुंगेर के चुआबाग निवासी शालू कुमारी के साथ हुई थी। शादी के बाद शालू दूसरी बार ससुराल नहीं आई थी। इसी बीच करीब 20-22 दिन पहले दयानंद की मां मीना देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई।

    स्वजन उन्हें इलाज के लिए पटना ले गए, जहां चिकित्सकों ने ब्रेन हेमरेज की बात कही। बाद में स्वजन उन्हें वापस गांव ले आए, जहां उनकी मौत हो गई।

    बताया गया कि मीना देवी के निधन के बाद उनकी पुत्रवधू शालू कुमारी ससुराल आई थी, लेकिन बाद में वापस मायके चली गई और फिर नहीं आई।

    ग्रामीणों के अनुसार, इसके बाद दयानंद अपनी पत्नी को ससुराल लाने की बात को लेकर परेशान रहता था। परिवार के सदस्यों से भी वह पत्नी को वापस लाने के लिए कहता था। स्वजन के मुताबिक, श्राद्धकर्म के दौरान भी वह तनाव में था।

    बारहवीं तक पत्नी के आने का करता रहा इंतजार

    परिवार के लोगों के अनुसार, दयानंद मां के श्राद्धकर्म की प्रक्रिया पूरी होने तक पत्नी के आने की उम्मीद लगाए हुए था। बारहवीं तक इंतजार करने के बाद भी पत्नी के नहीं आने से वह काफी परेशान था। शनिवार को मां की तेरहवीं के दिन शाम में उसने घर के अंदर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

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    घटना की सूचना मिलने पर माणकपुर थानाध्यक्ष रंजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने एफएसएल टीम को बुलाकर घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। जांच पूरी होने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लखीसराय भेजा गया।

    आवेदन मिलने के बाद होगी आगे की कार्रवाई

    माणिकपुर थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि मामले में अभी तक मृतक की पत्नी या उसके मायके वालों की ओर से कोई आवेदन नहीं दिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की है। आवेदन मिलने और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले की आगे जांच की जाएगी तथा कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस आत्महत्या के वास्तविक कारणों की भी जांच कर रही है। पत्नी से वैवाहिक विवाद और उससे जुड़े तनाव की बात ग्रामीणों द्वारा कही जा रही है, लेकिन इसकी पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।