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    किशनगंज : बागडोगरा में विवाद के बाद इंस्पेक्टर व दो महिला सिपाही हिरासत में लेकर छोड़े गए, जानें क्या है पूरा मामला

    Updated: Wed, 14 Jan 2026 02:14 AM (IST)

    किशनगंज उत्पाद विभाग के एक इंस्पेक्टर और दो महिला सिपाही को पश्चिम बंगाल के बागडोगरा में स्थानीय पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में लिया। सिलीगुड़ी से ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    संवाद सहयोगी, किशनगंज। उत्पाद विभाग में पदस्थापित दो महिला सिपाहियों व इंस्पेक्टर संगम विद्यार्थी को कुछ समय के लिए बंगाल पुलिस ने हिरासत में ले लिया। ये पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से सोमवार रात को किशनगंज (बिहार) लौट रहे थे। बागडोगरा बिहार मोड़ के पास उत्पाद अधीक्षक का चार पहिया वाहन एक बाइक से हल्का सा टकरा गया। इस दौरान इंस्पेक्टर व अन्य कर्मियों के साथ स्थानीय लोगों ने हाथापाई की।

    बंगाल पुलिस ने सुलझाया मामला

    मौके पर पहुंची बागडोगरा थाने की पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया। इन्हें करीब तीन घंटे के बाद बंगाल पुलिस ने थाने से छोड़ दिया। इधर, इस घटना के बाद विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए इंस्पेक्टर समेत दोनों सिपाहियों से स्पष्टीकरण मांगा है।

    उत्पाद अधीक्षक ने इंस्पेक्टर व दोनों सिपाही से मांगा स्पष्टीकरण

    जानकारी के अनुसार किशनगंज उत्पाद विभाग के एक इंस्पेक्टर, दो महिला कांस्टेबल और एक अन्य कर्मी निजी वाहन से सिलीगुड़ी से किशनगंज की ओर आ रहे थे। बागडोगरा थाना क्षेत्र के एनएच 27 पर वाहन ओवरटेक करने व आगे बैरियर रहने के कारण साइड लेने के दौरान उत्पाद अधिकारी के वाहन व बाइक के बीच हल्की टक्कर हो गई। इसके बाद वाहन में मौजूद इंस्पेक्टर की स्थानीय लोगों के साथ बहस हो गई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि उत्पाद विभाग की गाड़ी काफी तेजी से ओवरटेक कर रही थी, जिससे दूसरी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो सकती थी।

    वाहन की स्पीड को लेकर हुआ विवाद

    आरोप है कि उनके और अन्य कर्मियों के साथ हाथापाई भी की गई। सड़क पर हंगामे की सूचना मिलते ही बागडोगरा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस इंस्पेक्टर व दोनों सिपाहियों को अपने साथ लेकर थाना चली गई। किसी भी पक्ष की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। इसके बाद मामला शांत हो गया।

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    इंस्पेक्टर ने हाथापाई का लगाया आरोप

    हालांकि, यह मामला अब विभागीय स्तर पर तूल पकड़ चुका है। बिना आधिकारिक अनुमति के बंगाल जाने को लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि वे किस कार्य से सिलीगुड़ी गए थे। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जब सरकारी कार्य नहीं था तो महिला सिपाही को लेकर निजी वाहन से इंस्पेक्टर क्या करने गए थे, इसकी भी पड़ताल विभाग कर रहा है। उत्पाद थानाध्यक्ष मनीष सक्सेना ने बताया कि उत्पाद अधीक्षक दीपक मिश्रा द्वारा कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।